राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 18 फरवरी। छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग (सीएसईआरसी) द्वारा वीडियो कान्फ्रेंसिंग के माध्यम से वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2029-30 के लिए बिजली दरों (टैरिफ) के निर्धारण और राजस्व आवश्यकताओं से संबंधित याचिकाओं पर पार्रीनाला स्थित कार्यपालक निदेशक कार्यालय में राजनांदगांव, मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई एवं कबीरधाम जिले के घरेलू, गैर घरेलू, कृषक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए सार्वजानिक जनसुनवाई आयोजित की गई। इस जनसुनवाई का मुख्य उद्देश्य बिजली की नई दरों से निर्धारण से पूर्व आम जनता, कृषक उपभोक्ताओं एवं औद्योगिक संगठनों के सुझावों एवं आपत्तियों को चिन्हाकित किया जाना था।
राज्य विद्युत नियामक आयोग के सदस्यों ने उपस्थितजनों को भरोसा दिलाया कि टैरिफ का निर्धारण उपभोक्ताओं के हितों और बिजली कंपनियों की वित्तीय स्थिरता के बीच संतुलन बनाकर किया जाएगा। जनसुनवाई में विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने अपनी मांग रखी। औद्योगिक एचवी-3 एवं एचवी-05 एबीस कंपनी के प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि क्रॉस सब्सिडी का निर्धारण वोल्टेज के आधार पर करने, लो-लोड फेक्टर में प्रोत्साहन देने और न्यूनतम उपयोग के समय डिमांड चार्जेस को कॉन्ट्रैक्ट डिमांड का 50 प्रतिशत रखने का मांग/सुझाव दिया। उन्होंने बिजली बिल का एडवांस पेमेंट करने पर मिलने वाले सवा प्रतिशत की छूट को भविष्य में भी यथावत रखे जाने का सुझाव दिया, ताकि उपभोक्ताओं समय पर भुगतान के लिए प्रोत्साहन मिल सके।
चेम्बर ऑफ कॉमर्स राजनांदगांव के अध्यक्ष कमलेश बैद ने कहा कि औद्योगिक जगत को राहत देने प्रचलित टैरिफ को यथावत रखा जाए। पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के हितग्राहियों की उत्पादित बिजली के लिए उचित दर मिल सके इसका प्रावधान भी होना चाहिए। जैसे एलवी-4 के उपभोक्ताओं को छूट का प्रावधान है। वैसे ही एचवी-3 एवं एचवी-05 कैटेगरी के उपभोक्ता को लाभ दिया जाए। जिससे औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिल सके। घरेलू उपभोक्ता रूपचंद भीमनानी ने बढ़ती महंगाई का हवाला देते कहा कि टैरिफ में बढ़ोत्तरी से आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ेगा अत: दरों में वृद्धि नहीं की जानी चाहिए। घरेलू उपभोक्ताओं के बिजली बिलों को आसान और सुस्पष्ट बनाया जाए, ताकि उन्हें बिजली बिल में अपने खपत की जानकारी के प्रत्येक खंड सरलता से समझ आ सके।
जनसुनवाई के दौरान विभिन्न घरेलू, गैर घरेलू, कृषक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं के अनेक सुझावों को आयोग ने रिकॉर्ड पर लिया। इन सुझावों का विस्तृत अध्ययन करने पर आयोग अगले कुछ महीनों के भीतर अपना अंतिम टैरिफ आदेश जारी करेगा। आयोग ने जनता को आश्वस्त किया है कि अंतिम निर्णय पूरी तरह से निष्पक्ष और न्यायसंगत होगा। इस अवसर पर उपभोक्ता फोरम के अध्यक्ष एके ग्राहक, अतिरिक्त मुख्य अभियंता मंगल तिर्की, राजनांदगांव वृत्त के अधीक्षण अभियंता शंकेश्वर कंवर, कार्यपालन अभियंता एनके साहू, सीमा ढील, पीआरओ डीएस मंडावी, चैम्बर्स ऑफ कॉमर्स से राजकुमार बाफना, राजेश जैन, नेमीचंद जैन सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।


