राजनांदगांव
चिकित्सकों ने आयुष्मान कार्ड से नहीं किया उपचार, एकजुट हुए चिकित्सक
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 30 जनवरी। राजनांदगांव जिले के निजी चिकित्सकों ने आयुष्मान भारत के उपचार के एवज में करोड़ों रुपए का बकाया का भुगतान नहीं होने के विरोध में शुक्रवार को एक दिनी सांकेतिक हड़ताल किया। विरोध स्वरूप चिकित्सकों ने काली पट्टी लगाकर सरकार की व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई।
आयुष्मान भारत के पंजीकृत चिकित्सालयों में आज कार्ड के जरिये उपचार भी नहीं हुआ। चिकित्सकों का आरोप है कि महीनों से करोड़ों रुपए का भुगतान नहीं किया गया है। जिसके कारण अस्पताल के संचालन में आर्थिक परेशानी खड़ी हो गई है। राजनांदगांव जिले की इंडियन मेडिकल एसोसिएशन की इकाई द्वारा शासन से तत्काल बकाया भुगतान को जारी करने की मांग की गई।
इस संबंध में जिलाध्यक्ष डॉ. दिवाकर रंगारी ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि आज एक दिवसीय सांकेतिक हड़ताल कर राशि को जारी करने की मांग की गई है। सरकार का इस दिशा में अब तक ध्यान नहीं है। जबकि मरीजों के उपचार के लिए शहर एवं राज्यभर के चिकित्सक अग्रणी भूमिका में रहे हैं। इस बीच शहर के कुल 27 पंजीकृत निजी अस्पतालों के चिकित्सकों ने काली पट्टी लगाकर विरोध जताया।
हड़ताल के दौरान सभी चिकित्सक एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने बांह में काली पट्टी बांध रखी थी। एसोसिएशन ने यह भी स्पष्ट किया कि सांकेतिक हड़ताल मरीजों के विरूद्ध नहीं है, बल्कि समय पर भुगतान नहीं होने के कारण उत्पन्न आर्थिक परेशानियों के कारण एक मजबूरी में उठाया गया कदम है। चिकित्सकों ने शासन से तत्काल लंबित भुगतान को जारी करने की मांग की है। इस बीच शहर के पंजीकृत चिकित्सालयों में आज आयुष्मान कार्ड के तहत उपचार नहीं किया गया। गौरतलब है कि राजनांदगांव जिले में लगभग निजी चिकित्सालयों का सरकार पर 45 करोड़ रुपए का उधार है। राज्यभर में यह आंकड़ा 600 करोड़ रुपए से ज्यादा है।


