राजनांदगांव

बसंत पंचमी पर छंद मुक्त कविता में जीवंत हुए महाप्राण कवि निराला
29-Jan-2026 8:32 PM
बसंत पंचमी पर छंद मुक्त कविता में जीवंत हुए महाप्राण कवि निराला

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 28 जनवरी।
बसंत पंचमी के अवसर पर स्थानीय मिथिलाधाम में छत्तीसगढ़ साहित्य सृजन समिति द्वारा मां सरस्वती पूजन कर महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी की जयंती मनाई गई। समाजसेवी  शारदा तिवारी के मुख्य आतिथ्य में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता संरक्षक अशोक चौधरी ने की ।
 इस अवसर पर बड़ी संख्या में कवि/साहित्यकारों द्वारा मां सरस्वती का पूजन कर मुक्त छंद के प्रवर्तक सूर्यकांत त्रिपाठी को उनकी कविता वर दे वीणा वादिनि, वर दे के माध्यम से याद किया गया। वहीं कवयित्री सुषमा शुक्ला ने बालिका दिवस पर कविता का गान कर सुमधुर बासंतिक रचना की प्रस्तुति दी। इस अवसर पर कवि साहित्यकारों द्वारा तूम मुझे खून दो मैं तुम्हें आजादी दूंगा कहने वाले नेता जी सुभाष चन्द्र बोस को याद किया गया।

साहित्य समिति के अध्यक्ष अखिलेश मिश्रा ने जहां मां सरस्वती के चरणो में गीत समर्पित कर निराला  की सखि बसंत आया, भरा हर्ष वन के मन, नवोत्कर्ष छाया का गान किया। वहीं कवयित्री अनिता जैन द्वारा देश को आजादी  दिलाने वाले आजाद हिन्द फौज  के प्रणेता नेता को मां भारती का सच्चा सपूत बताया।

इस अवसर पर मिथिलाधाम मंदिर के संरक्षक, साहित्य सुधि अशोक चौधरी ने बसंत पंचमी को भगवान शंकर व मां पार्वती के सगाई का भी पर्व बताते कहा कि सरस्वती के वरद पुत्र कहलाने वाले बंगाल के महिषा दल निवासी महाकवि सूर्यकांत त्रिपाठी हृष्ट-पुष्ट पहलवान होने के साथ-साथ वैविध्य पूर्ण कविताओं एवं मुक्त छंद के प्रतिनिधि कवि थे। कमला कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. केएके द्विवेदी ने सूर्यकांत त्रिपाठी को छंद मुक्त कविता के प्रवर्तक होने के साथ-साथ आध्यात्मिकता व  प्रेम रस में पगी कविता का अग्रदूत कहा। शारदा तिवारी ने वाराणसी में हजारी प्रसाद द्विवेदी व निराला के जीर्ण-शीर्ण मकान का दर्शन के सौभाग्य मिलने की बात कही। वरिष्ठ कवि साहित्यकार  आत्माराम कोशा ने अपने काव्य में नवीनता लेकर चलने वाले निराला को कविता को छंदों के बंधन से मुक्त करने वाला महाकवि बताया और उनके शब्दों को उल्लेखित करते कहा कि जिस तरह मनुष्यों की मुक्ति कर्म के बंधनों से छुटकारा पाना है, उसी तरह कविता की मुक्ति छंदों से अलग होना है।
 इस अवसर पर छत्तीसगढ़ राजभाषा आयोग के जिला समन्वयक श्री कोशा द्वारा आयोग के प्रांतीय आयोजन में शिरकत करने वाले कवि/साहित्यकारों को गिफ्ट व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।


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