राजनांदगांव
प्रवक्ता अनीस खान की नियुक्ति पर सवाल
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 30 जनवरी। जिला ग्रामीण कांग्रेस में सांगठनिक नियुक्ति विवादों के घेरे में है। जिलाध्यक्ष विपिन यादव द्वारा किए गए नियुक्ति को लेकर पार्टी के कई वरिष्ठ नेता नाराज हो गए हैं।
विशेषकर प्रवक्ता बनाए गए अनीस खान की नियुक्ति को किसी भी स्तर पर न्यायोचित नहीं माना जा रहा है। वजह यह है कि उनकी कांग्रेस में भागीदारी कभी भी परोक्ष रूप से नहीं रही है। बतौर पटवारी कार्य करने के दौरान घूस लेते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो ने कार्रवाई की थी। बताया जा रहा है कि इस मामले में उन्हें अदालत से सजा भी मिली।
प्रवक्ता नियुक्त हुए खान पर उपरोक्त मामलों को संगठन से छुपाने का आरोप भी है। इस बीच जिले के कई प्रमुख नेता सांगठनिक नियुक्ति को सिरे से निरस्त करने की मांग कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि अध्यक्ष विपिन यादव ने सिर्फ तीन लोगों को नियुक्त किया है। जबकि समूचे जिले की कार्यकारिणी का अब तक अता-पता नहीं है। राजनीतिक तौर पर जिलाध्यक्ष यादव के कामकाज को लेकर विधायक भी नाखुश हैं। विधायकों से बढ़ते टकराव के कारण भी विवाद गहराने लगा है। बताया जा रहा है कि संगठन महामंत्री बनने के लिए भी काफी जोर आजमाईश हुई। यादव ने अपने गृह इलाके छुरिया के राहुल तिवारी को संगठन महामंत्री नियुक्त किया। इस बात का विरोध भी हो रहा है। पंकज बांधव संगठन महामंत्री बनने की इच्छा पाले हुए थे, उन्हें सिर्फ महामंत्री बनाया गया।
उधर मनरेगा को लेकर राष्ट्रीय नेतृत्व के मुखर से परे जिले में कांग्रेस का प्रदर्शन निराशाजनक है। जिलाध्यक्ष श्री यादव का अब तक मनरेगा के अस्तित्व को बचाने को लेकर बड़े आंदोलन में रूचि नहीं है। बताया जा रहा है कि कई बड़े प्रमुख नेताओं ने अघोषित रूप से जिला ग्रामीण कांग्रेस के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। प्रदेश नेतृत्व यानी प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज से सांगठनिक नियुक्तियों के अलावा कार्यशैली को लेकर भी शिकवा-शिकायत शुरू हो गई है।


