राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 22 जनवरी। भाजपा नेता अशोक चौधरी ने कहा कि जिन कांग्रेसियों को आज अविमुक्तेश्वरानंद जी को मौनी अमावस्या पर्व पर व्यवस्था ना बिगड़े इस हेतु 50 मीटर पैदल चलकर स्नान करने के आग्रह पर बवाल करने वाले विवादित शंकराचार्य को लेकर बड़ी-बड़ी बातें कर रहे हैं और अचानक से सनातन हिंदुओं के प्रति सम्मान दिखा रहे हैं, उन्हें मैं याद दिलाना चाहूंगा कि 2004 में वास्तविक शंकराचार्य जो एक बड़े अनुष्ठान की तैयारी में लगे हुए थे, उन्हें गिरफ्तार कर एक झूठे हत्या केस में जेल में डाल दिया गया था। कांग्रेस की सोनिया गांधी ने पूज्य शंकराचार्यजयेन्द्र सरस्वती को सिर्फ इसलिए प्रताडऩा किया था, जब उन्होंने दक्षिण में हिंदुओं को मतांतरण कर ईसाई बनाने के मिशन का बड़ा खुलासा किया था।
मौनी अमावस्या मेला का पूरा वीडियो वायरल हो गया है। जिसमें पुलिस के अधिकारियों ने पूज्य अविमुक्तेश्वरानंद को पहले उस पुल को, जिसे आपातकाल के लिए सुरक्षित रखा गया था, उसको तोडक़र संगम स्थल जाने के लिए कोशिश किया और बाद में जब पुलिस के अधिकारियों ने रथ के साथ न जाने का आग्रह किया और 50 मीटर पैदल चलने का आग्रह किया, उसको ना मानकर मेला की परंपरा का उल्लंघन किया और बवाल किया।
श्री चौधरी ने आरोप लगाया कि यह सब कांग्रेस पार्टी द्वारा भाजपा सरकार को बदनाम करने के लिए किया गया। दुनिया जानती है कि कांग्रेस सनातन विरोधी है। हिंदुओं को बदनाम करने का कोई मौका नहीं छोड़ते और उसमें ऐसे तथाकथित संत का भी वे सहारा लेते हैं । संत महात्मा को यह शोभा नहीं देता और जब शंकराचार्य होने का प्रमाण मांगा जा रहा है तो उनकी कलई खुल गई है। वे वास्तव में शंकराचार्य है ही नहीं, कांग्रेस अपने गलत कामों में गलत साधु संतों का भी उपयोग करती है। हजारों साल से चली आ रही परंपरा का उल्लंघन करना उचित नहीं है।


