राजनांदगांव

स्वामी शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान - कुलबीर
22-Jan-2026 6:23 PM
स्वामी शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान - कुलबीर

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 22 जनवरी।
प्रयागराज माघ मेले में पूज्यपाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को शाही स्नान से रोके जाने और उनके साथ हुए दुव्र्यवहार की कड़ी निंदा करते पूर्व कांग्रेस शहर अध्यक्ष कुलबीर सिंह छाबड़ा ने बयान जारी करते कहा कि मोदी-योगी सरकार खुद को हिंदुओं का मसीहा बताने आज हिन्दू संतों का अपमान कर रही है और आज हालात यह है कि मठ के पीठासीन शंकराचार्य को अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर आशंका हो रही और पिछले 36 घंटे से अनशन पर बैठने को मजबूर होना पड़ा।

श्री छाबड़ा ने कहा कि शंकराचार्य का अपमान सनातन धर्म का अपमान है। देश में चार मठों के पूज्यपाद शंकराचार्य में से एक मठ के पूज्यपाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद शंकराचार्य जी है, पर मोदी-योगी सरकार शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पर सवाल उठाते कहते हैं कि क्या यह पीठासीन है। हिन्दू सनातन धर्म इसको महत्व दिया गया है। जिसको पूछने वाले ये भाजपा-आरएसएस कौन होते है? धर्म को राजनीति बनाकर रोटी सेकने वाले ये भाजपा सरकार है। भाजपा के इस कृत्य को काला इतिहास के नाम से जाना जाएगा। आज तक ऐसा नहीं हुआ पूज्यपाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद पिछले 40 वर्षों से नियमित रूप से शाही स्नान करते आ रहे हैं और यह पहली बार है, जब उन्हें इस अखंड धार्मिक परंपरा से रोका गया है।

श्री छाबड़ा ने कहा कि मौनी अमावस्या पर गंगा शाही स्नान पर शंकराचार्य जी को स्नान से रोककर मोदी-योगी सरकार ने सनातन धर्म का अपमान किया है। भाजपा सरकार शंकराचार्य और उनके शिष्यों के साथ दुव्र्यवहार करते साधु-संतों शिष्यों की बाल की चोटी पकडक़र खींचना-घसीटा गया, जो अतिनिंदनीय है। हिन्दुओं के नाम पर वोट की राजनीति करने वाले भाजपाई-आरएसएस के मुंह में ताला क्यों लगा है? कांग्रेस पार्टी भाजपा सरकार की इस तरह के कृत्य की घोर निंदा करती है।


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