राजनांदगांव
18 हजार वोटर्स को एसआईआर में नाम जोडऩे मिली थी नोटिस
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 22 जनवरी। मतदाता सूची को दुरूस्त करने के लिए 18 हजार वोटर्स को नोटिस देने के बाद निर्वाचन विभाग के पास अब भी 10 हजार वोटर्स का नाम सूचीबद्ध करने के लिए शेष है। आज आखिरी सुनवाई की तारीख होने के कारण स्थानीय एसडीएम एवं तहसील कार्यालयों में लोगों की लंबी कतार है।
लोग मतदाता सूची से नाम कटने की चिंता-फिक्र में कतार में खड़े नजर आ रहे हैं। पूरे देश में एक विशेष अभियान के तहत मतदाता सूची को दुरूस्त करने का काम चल रहा है। प्रथम चरण में थोक के भाव में कई मतदाता का नाम गायब हो गया। ऐसे में अब तक 56 हजार से ज्यादा मतदाता का नाम सूची से अलग हो गया है। इनमें से मृत, स्थानांतरण तथा दूसरी जगह स्थाई ठिकाना बनाने वाले मतदाता शामिल है। प्रारंभिक प्रकाशन के बाद दावा-आपत्ति मंगाई गई थी। जिसके चलते 18 हजार को नोटिस जारी किया गया था। जिसमें अब भी 10 हजार मतदाता अपना नाम सूची में यथावत बनाए रखने के लिए कार्यालय में डटे हुए हैं।
इधर द्वितीय चरण में प्रशासन ने 18 हजार 222 मतदाताओं को नोटिस जारी कर कार्यालय में तलब किया था। जिसके पीछे वजह यह है कि घर-घर सर्वे के दौरान बीएलओ के पास गणना पत्रक जमा नहीं हुआ। लिहाजा निर्वाचन आयोग द्वारा मतदाताओं को एक मौका दिया गया। इसके लिए आयोग की ओर से आवश्यक दस्तावेज जिसमें बैंक पासबुक, आधार कार्ड, पैनकार्ड और 10वीं-12वीं की अंकसूची प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे।
सुनवाई की अंतिम तारीख 22 जनवरी को तय की गई है। इसके बाद दावा-आपत्ति का निराकरण होगा। गौरतलब है कि राजनंादगांव जिले में कुल 7 लाख 80 हजार 205, केसीजी जिले में 2 लाख 80 हजार 369 व मोहला-मानपुर जिले में 01 लाख 56 हजार 845 मतदाता हैं। हालांकि नोटिस के बाद पहुंचे मतदाताओं को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए और भी एक मौका मिलेगा। इसकी प्रक्रिया बाद में होगी।
बीएलओ रहे दबाव में
मतदाता सूची के शुद्धिकरण के लिए ड्यूटीरत बीएलओ दबाव में रहे। उन पर कई तरह की व्यवहारिक परेशानी का साफ असर दिखा। बीएलओ को न सिर्फ मतदाताओं को संतुष्ट करना पड़ा, बल्कि अफसरों के दबाव भी झेलना पड़ा। एसआईआर को एक विशेष अभियान के तहत जल्दी से जल्दी समाप्त करने का बीएलओ पर दबाव रहा। आज आखिरी तारीख होने के बाद बीएलओ ने राहत की सांस ली।


