राजनांदगांव
प्रदर्शन के अंतिम दिन सौ लोगों ने किया रक्तदान
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 1 जनवरी। छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन ने अपनी मांगों को लेकर जारी तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन का बुधवार को समापन किया। प्रदर्शन के अंतिम दिन प्रदर्शन करने वाले 100 कर्मचारियों ने रक्तदान कर राज्य शासन से अपनी मांगों को पूरा करने ध्यानाकर्षण कराया।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन के बैनर तले अपनी मांगों को लेकर जिलेभर के अधिकारी-कर्मचारियों द्वारा तीन दिवसीय धरना प्रदर्शन में शामिल होकर अपना समर्थन दिया। हड़ताल के तीसरे दिन जिला संयोजक सहित लगभग 100 लोगों ने रक्तदान किया। हड़ताल के कारण जिले के सभी कार्यालय एवं स्कूलों में तालाबंदी की स्थिति निर्मित रही। वहीं शासकीय कार्य प्रभावित हुआ। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कर्मी शामिल हुए।
फेडरेशन का कहना है कि विधानसभा चुनाव 2023 के दौरान प्रदेश के कर्मचारियों के लिए मोदी की गारंटी का घोषणा हुआ था। सरकार बनने पर प्रदेश के शासकीय सेवकों एवं पेंशनरों को केन्द्र के समान डीए/डीआर दिया जाएगा। लंबित डीए एरियर्स की राशि को कर्मचारियों के जीपीएफ खाते में समायोजित किया जाएगा। अनियमित/संविदा/दैनिक वेतनभोगी/अतिथि शिक्षक इत्यादि संवर्ग का नियमितीकरण किया जाएगा। प्रदेश के सहायक शिक्षकों का वेतन विसंगति दूर किया जाएगा।
प्रदेश के लिपिकों, सहायक शिक्षकों एवं अन्य संवर्ग के लिए वेतन विसंगति दूर करने गठित पिंगुआ कमेटी की रिपोर्ट सार्वजनिक करने, पंचायत सचिवों का शासकीयकरण करने, मितानिनों, रसोईया एवं सफाई कर्मचारियों के मानदेय में 50 प्रतिशत करने सहित अन्य मुद्दों का वादा किया, लेकिन सरकार बनने के बाद क्रियान्वयन पर मौन धारण करना कर्मचारियों में आक्रोश का कारण बना हुआ है। फेडरेशन ने प्रदेश में चार स्तरीय समयमान वेतनमान, प्रदेश के सहायक शिक्षकों एवं सहायक पशु चिकित्सा अधिकारियों को तृतीय समयमान वेतनमान, अर्जित अवकाश 240 दिन के स्थान पर 300 दिन करने, प्रदेश में कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों सहित शासकीय सेवक कल्याण के अनेक मुद्दों का ज्ञापन राज्य सरकार को समय-समय पर दिया है, लेकिन सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को नजरअंदाज कर रही है।
छत्तीसगढ़ कर्मचारी-अधिकारी फेडरेशन राजनांदगांव द्वारा जिला संयोजक सतीश ब्यौहरे, जिला महासचिव पीआर झाड़े, जिला संरक्षक डॉ. केएल टांडेकर के नेतृत्व में तीन दिवसीय निश्चित कालीन धरना प्रदर्शन का तीसरा दिन 31 दिसंबर को जिला मुख्यालय राजनांदगांव में डोंगरगांव, छुरिया, डोंगरगढ़, राजनांदगांव विकासखंड के कर्मचारी-अधिकारी शामिल होकर अपनी आवाज बुलंद किए। फेडरेशन का कहना है कि यदि सरकार जायज मांगों को पूरा नहीं करते तो आने वाले समय में उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिसकी संपूर्ण जवाबदारी सरकार की होगी। हड़ताल के अंतिम दिवस में जिला संयोजक सतीश ब्यौहरे सहित लगभग 100 लोगों ने रक्तदान किया।


