राजनांदगांव
प्रयास आवासीय विद्यालय का शुभारंभ
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 17 अक्टूबर। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने गुरुवार को गौरव पथ स्थित प्रयास आवासीय विद्यालय का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा योजना के तहत वर्ष 2010 से प्रयास आवासीय विद्यालयों की स्थापना की शुरूआत हुई थी और आज पूरे छत्तीसगढ़ में प्रयास आवासीय विद्यालयों का विस्तार हो रहा है। प्रयास आवासीय विद्यालयों में स्कूली शिक्षा के साथ विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जाती है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने जीवन में लक्ष्य निर्धारित करने कहा और उस लक्ष्य को पाने कड़ी मेहनत करने कहा। विस अध्यक्ष ने बच्चों को स्वामी विवेकानंद के प्रसिद्ध और प्रेरणादायक कथन उठो, जागो और तब तक मत रूको जब तक लक्ष्य की प्राप्ति न हो जाए के माध्यम से जीवन का मूल मंत्र दिया और कहा कि सफलता प्राप्त करने धैर्य और दृढ़ इच्छाशक्ति होना भी आवश्यक है।
विस अध्यक्ष डॉ. सिंह ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय में कक्षा 9वीं से 12वीं तक के बच्चों को राष्ट्रीय स्तर के शिक्षकों द्वारा शिक्षक-प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि दंतेवाड़ा, बीजापुर जिले में संचालित प्रयास आवासीय विद्यालयों के बच्चों ने इंजीनियर, डॉक्टर, प्रोफेसर बनकर तथा विभिन्न क्षेत्रों में राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनायी है। उन्होंने कहा कि स्कूली शिक्षा के बाद विभिन्न क्षेत्रों में कैरियर बना सकते है।
उन्होंने बताया कि विभिन्न क्षेत्रों में कैरियर बनाने अलग-अलग परीक्षाओं का आयोजन होता है और कॉलेज में जाने के बाद जीवन के चार साल जीवन का कठिन समय होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि आप बीजापुर, दंतेवाड़ा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से आए है। आप सभी मन लगाकर पढ़ाई करें। कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ का मार्गदर्शन आप सभी को मिलेगा।
कलेक्टर जितेन्द्र यादव ने कहा कि प्रयास आवासीय विद्यालय राजनांदगांव में प्रारंभ हो गया है। प्रारंभिक सत्र 2025-26 में कक्षा 9वीं में 50 बालिका एवं 75 बालक कुल 175 स्वीकृत सीट है। उन्होंने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों से बच्चों ने यहां प्रवेश लिया है। आने वाले समय में प्रयास आवासीय विद्यालय में और भी बेहतर कार्य होंगे। जिला पंचायत सीईओ सुरूचि सिंह ने प्रतिवेदन का वाचन किया।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री बाल भविष्य सुरक्षा अंतर्गत प्रयास प्रारंभ किया गया। जिसका मुख्य उद्देश्य नक्सल प्रभावित क्षेत्र के प्रतिभावान विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराते विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाएं जेईई, नीट, सीएलएटी, पीईटी में सफल होने हेतु सक्षम बनाकार व्यावसायिक उच्च शैक्षणिक संस्थान आईआईटी, नीट, आईआईआईटी, एमबीबीएस में प्रवेश कराकर उनकी जीवन में स्थिरता प्रदान करने के उद्देश्य से प्रयास आवासीय विद्यालय स्थापित किया गया। इस सत्र में 113 विद्यार्थियों द्वारा प्रवेश लिया गया है।
उल्लेखनीय है कि सत्र 2025-26 में 113 विद्यार्थियों द्वारा प्रवेश लिया गया है। जिसमें 70 बालक तथा 43 बालिका हैं। चारों वर्ग के विद्यार्थी शामिल है। अनुसूचित जनजाति के 63 विद्यार्थी हैं। पांचों संभाग से कुल 23 जिलों के छात्र व छात्राओं द्वारा प्रवेश लिया गया है। जिसमें दुर्ग संभाग से 44 विद्यार्थी जिसमें जिला- राजनांदगांव से 17 विद्यार्थी प्रवेशित है। बस्तर संभाग के 28 विद्यार्थी, रायपुर संभाग के 17, बिलासपुर संभाग के 15 एवं सरगुजा संभाग से 9 विद्यार्थी प्रवेशित हैं। इस अवसर पर जिला सहकारी केन्द्रीय बैंक अध्यक्ष सचिन बघेल, पूर्व सांसद प्रदीप गांधी, पूर्व विधायक रामजी भारती, रमेश पटेल, दिनेश गांधी, संतोष अग्रवाल, खूबचंद पारख, भावेश बैद, रेखा मेश्राम, नगर निगम आयुक्त अतुल विश्वकर्मा, सहायक आयुक्त आदिवासी विकास दीक्षा गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि एवं अन्य अधिकारी व बच्चे उपस्थित थे।


