राजनांदगांव
पदयात्रियों की सुरक्षा ताक पर, जिले में सुविधा के नाम पर खानापूर्ति
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 24 सितंबर। डोंगरगढ़ के पदयात्रियों की खैर-खबर लेने में प्रशासन और समाजसेवी संस्थाओं ने हाथ खींच लिया है। जिले में नवरात्र पर्व पर सैकड़ों की तादाद में दूर-दराज से पदयात्री नेशनल हाईवे से गुजर रहे हैं। उनकी देखभाल के लिए सुरक्षा व्यवस्था का हाल बेहाल है।
हाईवे के डिवाईडर को पदयात्रियों ने सुस्ताने के लिए ठिकाना बना लिया है। अंजोरा से राजनंादगांव के बीच डिवाईडर में सैकड़ों पदयात्री गहरी नींद में सोते नजर आ रहे हैं। यह स्थिति पदयात्रियों की जानमाल को खतरे में डालने जैसा है। आमतौर पर नवरात्र के दिनों में पदयात्रियों की सेवा-सत्कार का एक पारंपरिक चलन रहा है। इस बार अंजोरा से लेकर राजनांदगांव तक सेवाभावी पंडाल गायब है। जबकि थके पदयात्रियों ने आराम करने के लिए नेशनल हाईवे के बीच स्थित डिवाईडर को ठिकाना बना लिया है। यह एक हादसे को दावत देने जैसा कदम है।
‘छत्तीसगढ़’ ने व्यवस्था के संबंध में जब जमीनी हकीकत देखी तो हाईवे के डिवाईडर में पदयात्री गहरी नींद में सोते नजर आए। जबकि अंजोरा से राजनांदगांव तक हाईवे को वन-वे किया गया है। ऐसे में दूसरी लेन से चलने वाली भारी वाहनों का डिवाईडर से टकराने का खतरा बढ़ा हुआ है। पदयात्रियों की स्थिति जान जोखिम लेने जैसा है। इस बीच पदयात्रियों के जलपान से लेकर आराम करने का ठिकाना भी हाईवे में नदारद है।
प्रशासनिक स्तर पर भी पदयात्रियों की सुध नहीं ली जा रही है। उधर नेशनल हाईवे को वन-वे करने के बावजूद भी हादसे घटित हुए हैं। मंगलवार को एक युवती को वन-वे में दाखिल हुए कार सवार ने कुचल दिया। इस हादसे में युवती को अपनी जान गंवानी पड़ी। नेशनल हाईवे में घंटों जाम की स्थिति भी बन रही है। मंगलवार देर रात तक अंजोरा से राजनंादगांव के बीच भारी वाहन फंसी रही। यातायात विभाग के पास ठोस योजना नहीं होने से पदयात्रियों की स्थिति दयनीय हो गई है। बहरहाल राजनंादगांव जिले में इस साल नवरात्र के पहले दिन से ही अव्यवस्था का माहौल है। पदयात्रियों के लिए डोंगरगढ़ का सफर आसान नहीं रह गया। इस संबंध में कलेक्टर सर्वेश्वर भुरे ने ‘छत्तीसगढ़’ को बताया कि प्रशासन की ओर से सेवा पंडाल लगाए गए हैं। ऐसी स्थिति बन रही है तो इसे चेक कराएंगे।


