राजनांदगांव
महंत बने महाराजा का विमोचन
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 23 सितंबर। खैरागढ़-छुईखदान-गंडई जिले के छुईखदान के मंगल भवन में 21 सितंबर की रात नरेश कुमार स्वामी निंबार्क की ऐतिहासिक पुस्तक ‘महंत बने महाराजा’ का विमोचन किया गया। साथ ही नौ रत्नों का सम्मान और अ.भारतीय कवि सम्मेलन का यादगार आयोजन हुआ।
समारोह में मुख्य अतिथि नगर पंचायत अध्यक्ष रानी नम्रता देवी वैष्णव व अध्यक्षता पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष गिरिराज किशोर वैष्णव ने की। विशिष्ट अतिथि बैरागी समाज के अध्यक्ष देवराज किशोर वैष्णव ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात रामनगर गन्नौर सोनीपत ‘हरियाणा’ के नरेश कुमार स्वामी निंबार्क की पुस्तक ‘महंत बने महाराजा’ का विमोचन किया गया। पुस्तक के लेखक श्री निंबार्क ने बताया कि भारत की 562 रियासतों में केवल दो रियासत छुईखदान और राजनांदगांव में ही बैरागी राजाओं ने राज्य किया था । उन्होंने इस किताब में दोनों बैरागी रियासत का वर्णन किया है।
मुख्य अतिथि रानी नम्रता देवी ने कहा कि श्री निंबार्क ने छुईखदान रियासत के इतिहास पर पुस्तक लिखकर महत्वपूर्ण कार्य किया। इस पुस्तक का छुईखदान में विमोचन होना राज परिवार के लिए गर्व की बात है। अध्यक्षता करते गिरिराज किशोर वैष्णव ने बताया कि महंत रूपदास ने 1750 में छुईखदान रियासत की स्थापना की थी। उन्होंने महंत बने महाराजा के पुस्तक लेखक नरेश कुमार स्वामी निंबार्क को बधाई और शुभकामनाएं दी । विशेष अतिथि देवराज किशोर वैष्णव ने कार्यकम की सराहना की। कार्यक्रम का संचालन वीरेन्द्र बहादुर सिंह ने किया।


