राजनांदगांव
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 16 सितंबर। जिले के डोंगरगढ़ क्षेत्र के बोरतलाव इलाके के उप वृत्त कोलारघाट में फारेस्ट की गश्ती दल ने वन्य प्राणियों का शिकार करने के आरोप में 4 शिकारियों को धरदबोचा है। गश्त के दौरान टीम के सपड़ में आए शिकारी डोंगरगढ़ और कोलारघाट के रहने वाले हैं। वन्य प्राणी अधिनियम के तहत फारेस्ट विभाग की टीम ने कार्रवाई कर रहा है। फारेस्ट ने शिकार के बाद मांस पकाने की तैयारी करने में लगे आरोपियों को ग्रामीणों की सूचना के बाद पकड़ा है।
मिली जानकारी के मुताबिक डोंगरगढ़ वन मंडल के उत्तर बोरतलाव क्षेत्र में वन्य प्राणियों की शिकार की सूचना मिल रही थी। इस बीच एक गश्ती दल ने रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात को 4 शिकारियों को पकड़ा। उनके पास से हिरण प्रजाति का और अन्य जानवर का मांस भी बरामद किया गया है। टीम ने मांस को जब्त कर जांच के लिए जबलपुर भेजा है।
बताया जा रहा है कि आरोपियों ने संभवत: कोटरी (हिरण प्रजाति) का शिकार किया था। शिकार के बाद मांस को पकाने की तैयारी थी। इस बीच टीम ने आरोपियों को धरदबोचा। आरोपियों में तीन डोंगरगढ़ के रहने वाले हैं। वहीं एक कोलारघाट का रहने वाला है। डोंगरगढ़ के मिसिया बाड़ा निवासी जय डेनियल, डोंगरगढ़ निवासी नील फ्रांसिस व वार्ड नंबर 9 डोंगरगढ़ निवासी विशाला उर्फ इशान एवं कोलारघाट निवासी विश्वनाथ गोड़ के खिलाफ वन्यप्राणी कोटरी का शिकार के प्रकरण में वन्य जीव (संरक्षण) अधिनियम के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया है। अपराधिक प्रकरण में संलिप्त चारों अपराधियों को न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी डोंगरगढ़ के समक्ष प्रस्तुत कर रिमांड में लेकर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


