राजनांदगांव
कांग्रेस की राजनीति को महापौर ने लिया आड़े हाथों
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 15 सितंबर। बजरंगपुर नवागांव में हुए दुर्भाग्यपूर्ण घटना पर कांग्रेसियों द्वारा ढोल पीटे जाने को महापौर मधुसूदन यादव ने कांग्रेसियों का घडिय़ाल आंसू करार दिया है। उन्होंने कहा है कि दोषी एवं लापरवाह पुलिस कर्मचारियों के निलंबन सहित जघन्य हत्याकांड में शामिल आरोपियों की त्वरित गिरफ्तारी की जा चुकी है।
महापौर ने पीडि़त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते कहा कि पीडि़त परिवारों के साथ घटे दुखद नुकसान की भरपाई नहीं की जा सकती है और सभ्य मानव समाज में इस तरह के संगीन अपराध किसी भी परिस्थिति में अस्वीकार्य है, किन्तु उनके बावजूद पीडि़तों के दुख को बांटने और हल्का करने शासन-प्रशासन पूरी तरह संवेदनशील रहा है। इस परिपे्रक्ष्य में पीडि़त परिवार को जीवनयापन हेतु तात्कालिक आर्थिक सहायता दिया जा चुका है और यथासंभव रोजगार के अवसर प्रदान करने का आश्वासन डॉ. रमन सिंह द्वारा दिया गया है। उसके बावजूद भी कांग्रेसियों द्वारा लगातार अनर्गल बयानबाजी कर पीडि़त परिवारों एवं वार्डवासियों को दिग्भ्रिमित कर शांतिभंग, अराजकता और परस्पर वैमनस्य भडक़ाने का घृणित प्रयास किया जा रहा है, जो शर्मनाक है।
महापौर ने कहा कि कांग्रेसी वह दिन भूल गए, जब पूर्ववर्ती कांग्रेस शासन में भूपेश सरकार के अत्याचार में प्रदेश के किसानों द्वारा की गई आत्महत्या को आए दिन की सामान्य घटना मानकर उदासीन रवैया अपनाया जाता था और कोई पीडि़तों के आंसू तक पोछने तक नहीं जाता था। छत्तीसगढ़ की जनता अभी भूली नहीं है, जब छत्तीसगढ़ के गरीब किसानों की मृत्यु को भूलकर और अपने कांग्रेसी आकाओं को खुश करने खुशामद की राजनीति के तहत ठगेशजी छत्तीसगढ़ के करदाताओं के 50-50 लाख रुपए उत्तरप्रदेश में बांट कर आ गए थे।
श्री यादव ने नवागांव में घटी दुखद घटना पर कांग्रेस की इस लाश की राजनीति को आड़े हाथों लेते पूछा है कि भूपेश राज के दौरान प्रदेशi में आत्महत्या करने वाले किसानों और अपराधिक वारदातों में जान गवांने वाले बेगुनाहों को कब-कब, क्या-क्या सहायता कांग्रेस पार्टी ने उपलब्ध कराई है? उन्होंने चेतावनी देते कहा है कि मृतकों की लाश पर राजनीति चमकाने से कांग्रेसी नेताओं को बचना चाहिए अन्यथा कांग्रेस पार्टी अपना बचा-खुचा जनाधार भी खो देगी।


