राजनांदगांव
पूर्व विधायक धनेन्द्र के नेतृत्व में पीडि़तों से मिले कांग्रेसी नेता
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 14 सितंबर। शहर के बजरंगपुर नवागांव वार्ड में बीते दिनों गैंगवार में तीन युवकों की हत्या की घटना की जांच के लिए गठित कांग्रेस नेताओं की एक टीम ने शनिवार को पीडि़तों से मिलकर उनकी परेशानियों को परोक्ष रूप से समझा। गणेश उत्सव पर्व के दौरान बजरंगपुर नवागांव में चाकूबाजी की घटना में तीन लोगों की जान चली गई।
इस घटना को लेकर कांग्रेस ने मुद्दा बनाया है। इस घटना को खराब कानून व्यवस्था का नमूना बताते कांगे्रस नेताओं ने पुलिस पर सवाल उठाए। प्रदेश कांग्रेस के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष व पूर्व विधायक धनेन्द्र साहू की अगुवाई में पहुंची समिति ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की। उनसे बातचीत के बाद कांग्रेस नेताओं आरोप लगाया कि पुलिस सही समय पर सक्रिय होती तो इस घटना को टाला जा सकता था। कुल मिलाकर पुलिस ही इस घटना के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार है।
समिति के संयोजक श्री साहू ने मृतकों के परिजनों को 20-20 लाख रुपए की आर्थिक सहायता तथा परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग की है। घायलों के उपचार की जिम्मेदारी सरकार पर उठाने की भी कांग्रेस नेताओं ने मांग की है। इससे पहले टीम के सदस्यों ने मृतकों के परिजनों के साथ काफी देर तक घटना के संबंध में जानकारी ली। परिजनों ने भी पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर टीम को विस्तृत जानकारी दी। शहर में बढ़ते नशाखोरी को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने आपत्ति की है।
बताया जा रहा है कि कांग्रेस नेताओं ने राजनंादगांव रेंज आईजी से चर्चा कर वस्तुस्थिति से अवगत कराया। कांग्रेस के नेताओं ने विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह के क्षेत्र में बढ़ते अपराध को लेकर काफी चिंता जाहिर की। साथ ही गृहमंत्री विजय शर्मा के प्रभार वाले जिले में हो रही घटनाओं को सरकार की नाकामी करार दिया।
इस दौरान पूर्व विधायक अरूण वोरा, डोंगरगांव विधायक दलेश्वर साहू, डोंगरगढ़ विधायक हर्षिता बघेल, शाहिद खान, भागवत साहू, कुलबीर छाबड़ा, नेता प्रतिपक्ष संतोष पिल्ले, कमलजीत सिंह पिंटू, अमित चंद्रवंशी, आसिफ अली, विवेक वासनिक, इकरामुद्दीन सोलंकी, शारदा तिवारी समेत अन्य लोग शामिल थे।


