राजनांदगांव
एबीवीपी नेता संजय सिंह को पकडऩे में जुटी नांदगांव पुलिसके हाथ खाली
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 28 जून। मोहड़ घाट अवैध रेत उत्खनन और गोलीकांड के मुख्य आरोपी माने जा रहे संजय सिंह की तलाश में राजनंादगांव पुलिस ने मध्यप्रदेश के इलाकों में छापेमारी की है। पुलिस ने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद नेता संजय सिंह को गिरफ्तार करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया है। हालांकि यह बात अलग है कि पुलिस के हाथ अब भी संजय सिंह की पहुंच से दूर है। मोहड़ घाट में ग्रामीणों पर फायरिंग की गई थी। रेत माफियाओं ने ग्रामीणों को धमकाने के लिए पिस्तौल से कई राउंड फायरिंग भी की। पुलिस को घटनास्थल से कारतूस के खोखे भी मिले थे।
बताया जा रहा है कि संजय सिंह का नाम खुलकर सामने आया है। पुलिस ने इस वारदात में शामिल आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है, लेकिन मुख्य आरोपी संजय सिंह का अब तक कोई सुराग नहीं मिला है। मध्यप्रदेश के ग्वालियर एवं आसपास के शहरों में पुलिस ने मुख्य सरगना को पकडऩे के लिए कई जगह छापा मारने का दावा किया है। सत्तारूढ़ दल होने के कारण सिंह की गिरफ्तारी में हो रही देरी के लिए पुलिस पर दबाव होना भी बताया जा रहा है।
पिछले 11 जून को मोहड़ वार्ड में रेत का अवैध उत्खनन करने के लिए जुटे माफियाओं को ग्रामीणों ने घेर लिया था। ग्रामीणों से मुकाबला करने के लिए रेत माफियाओं ने सीधे फायरिंग कर दी। इस कांड को लेकर शहर की सियासी फिजा काफी गर्म हो गई है। कांग्रेस ने इस मुद्दे के जरिये प्रदेश सरकार को निशाने पर लिया है। प्रदेश अध्यक्ष दीपक बैज के अलावा कई क्षेत्रीय नेता मोहड़ घाट का दौरा कर चुके हैं।
कांग्रेस ने जिले के विधायकों की अगुवाई में एक जांच टीम का भी गठन किया है। जिसकी अभी तक जांच रिपोर्ट सामने नहीं आई है। उधर पुलिस ने ग्वालियर, मुरैना, भोपाल समेत कुछ बड़े शहरों में छापा मारकर संजय सिंह को घेरने की कोशिश की। खबर है कि संजय सिंह को सत्तारूढ़ भाजपा के मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ के नेताओं ने सुरक्षित भूमिगत किया है। पुलिस की लाख कोशिश के बावजूद अब भी मुख्य सरगना सलाखों से बाहर है। कांग्रेस इस मामले में बड़ा आंदोलन करने का दावा भी कर रही है।


