राजनांदगांव
फोनकॉल्स भी शुरू, इंटरनेट के बगैर कामकाज रहा चौपट
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
राजनांदगांव, 9 अक्टूबर। कवर्धा में हुए हिंसा के चलते राजनंादगांव जिले में पिछले तीन दिनों से बंद पड़ी इंटरनेट सेवाएं शुक्रवार देर रात को बहाल हो गई। हालांकि फोनकाल्स की सुविधा दो दिन पहले से ही शुरू हो गई थी। बिना इंटरनेट के करोड़ों रुपए का व्यापार भी ठप हो गया। वहीं लोगों की निजी जिंदगी पर इसका प्रतिकूल असर पड़ा। इंटरनेट बंद होने से लोगों की घरेलू आवश्यकताओं पर व्यापक असर पड़ा। शिक्षा-दीक्षा के क्षेत्र में भी इंटरनेट बंद होने से लोग हताश और परेशान रहे। इस बीच जियो समेत दूसरी मोबाइल कंपनियों के इंटरनेट सेवाएं और फोन कॉल्स फिर से शुरू हो गए हैं।
कवर्धा में दो पक्षों के बीच हुए विवाद से उपजे दंगे को रोकने के लिए प्रशासन के निर्देश पर कंपनियों ने इंटरनेट सुविधा बंद कर दी थी। भ्रामक और उकसाउ संदेशों को रोकने के लिए इंटरनेट बंद करने के लिए प्रशासन ने विशेष निर्देश दिए थे। दंगे के दौरान कई तरह की हिंसात्मक गतिविधियों से जुड़ी वीडियो और धार्मिक भावनाओं को भडक़ाने वाली तस्वीरें पोस्ट की जा रही थी। जिसके चलते हिंसा पर काबू पाने में प्रशासन को दिक्कतें आ रही थी।
इस बीच सरकारी योजनाओं के लाभ से भी हितग्राही वंचित हो रहे थे। विभिन्न मोबाइल इंटरनेट सेवा कंपनियों द्वारा तीन दिनों से बंद कर दिया गया था। जिसका खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा।
इंटरनेट सेवा ठप होने के चलते शासकीय योजनाओं का लाभ हितग्राही नहीं उठा पा रहे थे। वहीं इंटरनेट बंद होने के चलते कई काम प्रभावित हो रहे थे। बच्चों की ऑनलाइन पढ़ाई से लेकर शासन के विभिन्न योजनाओं के तहत ऑनलाइन फार्म भरने की प्रक्रिया भी ठप पड़ी थी। इसी बीच सार्वजनिक विवतरण प्रणाली के तहत हितग्राहियों को राशन दुकानों का चक्कर काटना पड़ रहा था। इधर शनिवार को मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल होने से हितग्राहियों ने राहत की सांस ली। वहीं राशन दुकानों में सुबह से ही लोगों की भीड़ राशन लेने कतारें देखी गई। इधर ऑनलाइन शिक्षा लेने वाले बच्चे भी अपनी क्लास से जुड़े नजर आए।


