रायपुर

100 साल पुराने पारसी कब्रिस्तान पर अतिक्रमण..
15-Jun-2026 7:02 PM
100 साल पुराने पारसी कब्रिस्तान पर अतिक्रमण..

100 से अधिक छोटे-बड़े पेड़ काटे जा चुके हैं

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 13 जून। पचपेड़ी नाका के समीप  पारसी समुदाय के करीब 100 वर्ष पुराने कब्रिस्तान श्मशान भूमि पर अतिक्रमण और अवैध निर्माण की आशंका को लेकर सीएम से हस्तक्षेप की मांग की गई है। इस सिलसिले में सीएम को आवेदन सौंपकर भूमि की सुरक्षा और संरक्षण के लिए तत्काल कार्रवाई की अपील की गई है। समाज के लोगों ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया में वायरल कर नगर निगम को भी सूचित किया।

इस पेड़ कटाई की खबर पर समाज के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने जेसीबी ऑपरेटर से पेड़ कटाई किस काम या निर्माण के लिए किसके कहने पर कर रहे हैं। पूछने पर वह नहीं बता पाया।

सीएम को दिए आवेदन में कहा गया है कि यह कब्रिस्तान लंबे समय से पारसी समुदाय की धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहर के रूप में संरक्षित रहा है। आरोप है कि कुछ लोगों ने परिसर में 100 से अधिक छोटे-बड़े पेड़ काट दिए हैं तथा जमीन पर अवैध कब्जा और निर्माण संबंधी गतिविधियां शुरू कर दी हैं।

कब्रिस्तान के पास के एसबीआई कालोनीवासियों ने कहा कि इस  ऐतिहासिक विरासत के अस्तित्व पर भी खतरा उत्पन्न हो गया है। उनका कहना है कि समय रहते कार्रवाई नहीं की गई तो यह महत्वपूर्ण धरोहर नष्ट हो सकती है।

सीएम को सौंपे गए आवेदन में पांच प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें कब्रिस्तान भूमि की तत्काल जांच, अवैध कब्जों और निर्माण कार्यों पर रोक, दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई, भूमि का सीमांकन कर उसे राजस्व अभिलेखों में संरक्षित दर्जा देने तथा भविष्य में अतिक्रमण रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग शामिल है। मामला केवल पारसी समुदाय की आस्था से जुड़ा नहीं है, बल्कि छत्तीसगढ़ की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का भी विषय है। इसलिए शासन से शीघ्र हस्तक्षेप कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया गया है।


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