रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 मई। भारतीय राज्य पेंशनर्स महासंघ के प्रांताध्यक्ष वीरेन्द्र नामदेव ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के अपने केंद्रीय मंत्रियों को दिए गए मंत्र का स्वागत करते हुए इसे जनहित और सुशासन की दिशा में अहम बताया है। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से प्रधानमंत्री के संदेश को गंभीरता से संज्ञान में लेकर राज्य की धीमी प्रशासनिक कार्यप्रणाली में तत्काल सुधार लाने का आग्रह किया है।
जारी विज्ञप्ति में नामदेव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी संदेश केवल केंद्र सरकार ही नहीं बल्कि राज्यों के लिए भी अनुकरणीय है।
उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में जिला स्तर से लेकर मंत्रालय तक फाइलें महीनों लटकाने की प्रवृत्ति आम जनता और पेंशनरों के लिए बड़ी परेशानी बन चुकी है। छोटी-छोटी समस्याओं के निराकरण के लिए लोगों को बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
नामदेव ने कहा कि पेपरलेस और ऑनलाइन व्यवस्था का उद्देश्य काम में तेजी लाना था, लेकिन व्यवहार में यह व्यवस्था कई स्थानों पर आम नागरिकों के लिए सिरदर्द बन गई है। विशेष रूप से पेंशनरों से जुड़े अनेक मामलों में यह स्थिति गंभीर रूप से सामने आ रही है।
उन्होंने मुख्यमंत्री साय से आग्रह किया कि वे प्रशासनिक ढिलाई पर सख्ती से नियंत्रण स्थापित करें ताकि प्रधानमंत्री की भावना के अनुरूप परिणाम आधारित कार्यसंस्कृति राज्य में दिखाई दे।
विज्ञप्ति में महासंघ के पदाधिकारियों क्रमश: जेपी मिश्रा, आलोक त्रिवेदी, एनआर साहू, लोचन पांडेय,अनिल गोल्हानी, प्रवीण कुमार त्रिवेदी, टीपी सिंह, आरके टंडन, शैलेन्द्र कुमार सिन्हा, बीएस दसमेर, अनिल पाठक, आरजी बोहरे, ओडी शर्मा एवं एमएन पाठक, आर के दीक्षित, मालिक राम वर्मा, सी एल चन्द्रवंशी, टी एल चंद्राकर, नरसिंग राम, चितरंजन साहा, सूर्यकांत वर्मा, जी आर बसोने, आर डी डिंडोरे,राम खिलावन साहू, क्रांति कुमार सोनी, आदि ने भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संदेश का समर्थन करते हुए राज्य सरकार से इसे प्रभावी रूप से लागू कर जनता को त्वरित राहत प्रदान करने की मांग की है।


