रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 अप्रैल। 38-39 डिग्री सेल्सियस में उबल रहे वनाच्छादित दक्षिण छत्तीसगढ़ यानी बस्तर में कल 20 अप्रैल को एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने अथवा गरज चमक के साथ छींटे पडऩे की संभावना है। वहीं प्रदेश के एक-दो स्थानों पर गरज चमक के साथ अंधड़ चलने तथा वज्रपात होने की संभावना है।
प्रदेश में अधिकतम तापमान में कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग संभाग के जिलों में ग्रीष्म लहर जैसी स्थिति से थोड़ी राहत मिलने की संभावना है।
बारिश के कारण के संबंध में मौसम विभाग ने बताया कि एक उत्तर दक्षिण द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से तटीय उड़ीसा तक झारखंड होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। दूसरा उत्तर दक्षिण द्रोणी का मन्नार की खाड़ी से उत्तर अन्दरूनी कर्नाटक तक 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। एक पूर्व पश्चिम द्रोणिका पूर्वी उत्तर प्रदेश से मणिपुर तक बिहार, गंगेटिक पश्चिम बंगाल के उत्तरी भाग, बांग्लादेश होते हुए 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।एक प्रति चक्रवात अंदरुनी महाराष्ट्र और उससे लगे तेलंगाना तथा उत्तर अंदरुनी कर्नाटक तक 3.1 कम से 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है।
मौसम विभाग ने संभाग के एक दो पाकेट में ग्रीष्म लहर चलने की चेतावनी दी है। आज सुबह से ही तेज धूप ने लोगों को घरों में रहने को मजबूर कर दिया, वहीं दोपहर के समय सडक़ों पर सन्नाटा पसरा रहा। आवश्यक कार्यों से ही लोग बाहर निकले, जबकि बाजारों में भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में काफी कम देखी गई। दिनभर चली लू के थपेड़ों ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी। तेज गर्म हवाओं के कारण खासकर बुजुर्गों, बच्चों और दिहाड़ी मजदूरों को अधिक दिक्कतों का सामना करना पड़ा। अस्पतालों में भी गर्मी से संबंधित समस्याओं-जैसे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और सिरदर्द के मरीजों की संख्या में इजाफा दर्ज किया गया है। डॉक्टरों ने लोगों को दोपहर के समय बाहर निकलने से बचने, पर्याप्त पानी पीने और हल्के कपड़े पहनने की सलाह दी है।


