रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 अप्रैल। शहर के वीर सावरकर नगर वार्ड 1, नंदनवन रोड (जरवाय, हीरापुर) स्थित राशन दुकान पर गंभीर आरोप सामने आए हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्हें 60 किलो चावल की जगह सिर्फ 30 किलो ही दिया जा रहा। जब इसका विरोध किया गया, तो दुकानदार ने कथित तौर पर 2 महीने का पैसा लेकर सिर्फ 1 महीने का राशन देने की बात कही। इधर संतोषी नगर मस्जिद गली की राशन दुकान में हर माह डंडी मारने की शिकायत लोगों ने की। दुकान संचालक हर कार्डधारी को दिए जाने वाले 35 किलो चावल में से आधा किलो की डंडी मारता है। इस पर उसका कहना है कि लोडिंग-अनलोडिंग फटे बोरियों से गिरे चावल की भरपाई के लिए ऐसा करता है। इस समय सरकार ने तीन महीने का चावल एक साथ दे रही है। ऐसे में यह दुकानदार एक कार्ड से डेढ़-डेढ़ किलो चावल की डंडी मार रहा है। राजधानी के अधिकांश दुकानदार चावल की डिलीवरी न होने पर कार्डधारियों को चावल के बदले पैसे भी लेने का दबाव बनाते हैं। इस पूरे मामले को लेकर लोगों में नाराजगी है और निष्पक्ष जांच की मांग की जा रही है। फिलहाल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
‘चावल उत्सव’ नहीं ‘अव्यवस्था उत्सव’-आप
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 अप्रैल। आम आदमी पार्टी छत्तीसगढ़ ने सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत प्रदेश के लगभग 73 लाख राशन हितग्राहियों को तीन माह का चावल एकमुश्त बांटने के फैसले को लेकर राज्य सरकार पर जोरदार हमला बोला है।
प्रदेश अध्यक्ष (कर्मचारी विंग) विजय कुमार झा, प्रदेश प्रवक्ता जयदीप खनूजा, प्रदेश मीडिया प्रभारी मिहिर कुर्मी और प्रदेश सोशल मीडिया सह प्रभारी मिथलेश साहू ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि सरकार का तथाकथित चावल उत्सव अब जमीनी स्तर पर अव्यवस्था उत्सव में बदल चुका है।
बिना पर्याप्त तैयारी के तीन माह का चावल एक साथ वितरण करने का निर्णय जनता पर अतिरिक्त बोझ डाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि राशन दुकानों में न तो पर्याप्त स्टॉक है और न ही ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था सही है, जिससे हितग्राहियों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं।
जमीनी स्तर पर ये समस्याएं आईं सामने
राशन दुकानों में तीन माह के हिसाब से चावल उपलब्ध नहीं। राशन ट्रांसपोर्ट के लिए गाडिय़ों की भारी कमी से सप्लाई बाधित। अप्रैल माह का भंडारण अधूरा मई-जून का स्टॉक नहीं पहुंचा। हितग्राहियों को कई बार खाली हाथ लौटना पड़ रहा। एकमुश्त चावल ले जाने में 100-150 रुपये तक अतिरिक्त खर्च। छोटे घरों में चावल के सुरक्षित भंडारण की समस्या। दुकानदार और हितग्राही दोनों परेशान।
पार्टी नेताओं ने कहा कि सरकार ने राशन दुकानदारों पर भी बिना संसाधन के अतिरिक्त जिम्मेदारी डाल दी है, जिससे उन्हें रोजाना लोगों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। वहीं गरीब हितग्राही आर्थिक और व्यावहारिक दोनों परेशानियों से जूझ रहे हैं।
सरकार की लापरवाही पर सवाल
आम आदमी पार्टी ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा।


