रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 19 अप्रैल। ज्ञानभारतम् मिशन के अंतर्गत जिले में प्राचीन एवं दुर्लभ पाण्डुलिपियों के संरक्षण एवं दस्तावेजीकरण का कार्य किया जा रहा है। इस पहल का उद्देश्य सांस्कृतिक विरासत को सुरक्षित रखना है। इस क्रम में सेजेज निवेदिता, गुरु नानक चौक रायपुर की व्याख्याता श्रीमती नीतू शर्मा द्वारा लगभग 200 वर्ष पुरानी दुर्लभ पाण्डुलिपियों का संग्रहण किया गया। यह पाण्डुलिपियाँ विकास विहार निवासी डॉ. लक्ष्मीकांत पंडा से प्राप्त हुईं।
इनका मूल निवास ग्राम बिरकोल, तहसील सरायपाली, महासमुंद है। ताड़पत्र पर लिखी इन पाण्डुलिपियों में ज्योतिष एवं कर्मकांड से संबंधित जानकारी प्राप्त होती है।उडिय़ा भाषा में लिखी ये पाण्डुलिपियाँ पूर्वजों की ज्ञान परंपरा को दर्शाती हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के आह्वान पर कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह के मार्गदर्शन में जिले में विभिन्न ऐतिहासिक पाण्डुलिपियों का संग्रहण कर उन्हें ज्ञानभारतम् पोर्टल में दर्ज किया जा रहा है। जिससे आने वाली पीढिय़ों को इसका लाभ मिल सके।


