रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 फरवरी। राजधानी में सोमवार सुबह से बादल छाए बादल 11 बजे नगर घड़ी-जयस्तंभ चौक के आसपास हल्की बारिश हुई। जो राहगीरों को भीगने से बचने जगह तलाशने मजबूर किया। इससे पहले सूर्योदय भी बादलों की ओट में हुआ था। बादल मानसून के दिनों की तरह जाए रहे। बिलासपुर में भी हल्की बूंदाबांदी की खबर है। शाम तक बालोद, बलौदाबाजार, बेमेतरा, बीजापुर, धमतरी, कोंडागांव, एमएमए नारायणपुर, सूरजपुर में गरज चमक के साथ हल्की बारिश की चेतावनी जारी की गई। इस बेमौसम बदलाव का मुख्य कारण बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी युक्त हवाएं हैं।
मौसम विज्ञानियों के अनुसार एक चिन्हित निम्न दाब का क्षेत्र दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित है, इसके साथ ऊपरी हवा का चक्रीय चक्रवाती परिसंचरण 5.8 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। इसके लगातार पश्चिम उत्तर पश्चिम दिशा में आगे बढऩे और उसके बाद यह मुडक़र उत्तर पूर्व दिशा में आगे बढ़ते हुए दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी के तरफ अगले 48 घंटे में जाने की संभावना है। एक द्रोणिका, दक्षिण पश्चिम बंगाल की खाड़ी में स्थत चिन्हित निम्न दाब के क्षेत्र से दक्षिण मध्य महाराष्ट्र तक, 0.9 किलोमीटर ऊंचाई तक विस्तारित है। प्रदेश में आज कल एक दो स्थानों पर हल्की वर्षा होने की संभावना है।
वर्षा का क्षेत्र मुख्यत: मध्य छत्तीसगढ़ में दुर्ग, रायपुर संभाग के साथ सरगुजा संभाग के कुछ जिलों में संभावित है। सरगुजा के सरगुजा, जशपुर जिले शामिल हैं।
अधिकतम तापमान में भी कोई विशेष परिवर्तन होने की संभावना नहीं है। 24 फरवरी से प्रदेश में न्यूनतम तापमान में अगले दो दिनों तक गिरावट होने का दौर प्रारंभ होने की संभावना है। न्यूनतम तापमान में गिरावट 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक हो सकती है। 23 फरवरी की रात से ही प्रदेश के दक्षिणी हिस्सों में बादलों का घेरा मजबूत होगा। हालांकि, उत्तरी छत्तीसगढ़ में अभी भी न्यूनतम तापमान 12 डिग्री के आसपास बना हुआ है, लेकिन मध्य और दक्षिण छत्तीसगढ़ में भी अब पारा नीचे गिरेगा।


