रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 फरवरी। कांग्रेस विधायक कवासी लखमा का सदन में पक्ष विपक्ष के विधायकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। भाजपा के अजय चंद्राकर, धर्मजीत सिंह और किरण सिंह देव ने गले लगाकर स्वागत किया। कवासी, अंतरिम जमानत पर रिहा हुए थे। इसके बाद अध्यक्ष रमन सिंह ने कवासी को शर्तिया सत्र में शामिल होने की अनुमति दी है। कवासी को विपक्ष की अग्रिम पंक्ति में अनिला भेडिय़ा के साथ आसंदी दी गई है। इसी तरह से कल ही नियुक्त हुए कांग्रेस के मुख्य सचेतक दलेश्वर साहू, उप नेता प्रतिपक्ष लखेश्वर बघेल के बगल में बैठेंगे।
बिना रोक टोक के अभिभाषण
छत्तीसगढ़ विधानसभा का बजट सत्र राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण के साथ शुरू हो गया। यह नए भवन में पहला सत्र है। अपने 49 मिनट के संबोधन के दौरान विपक्ष की ओर से कोई टीका टिप्पणी नहीं हुई। सत्तापक्ष ने भी मेजे नहीं थपथपाई। डेका ने बिना रोक टोक के भाषण पूरा किया। इस पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा 25 फरवरी को होगी।
अभिभाषण में नया नहीं- बघेल
पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने राज्यपाल रमेन डेका के अभिभाषण पर सदन के बाहर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि इसमें नया कुछ भी नहीं था। थकी हारी सरकार पुरानी बातों को पढ़वा रही थी। कल पेश होने वाले बजट को लेकर बघेल ने कहा कि बजट से भी जनता को कोई उम्मीद नहीं है। ट्रंप के अनुरूप ही बजट आएगा।
राज्यसभा,बघेल दावेदार नहीं
छत्तीसगढ़ से राज्य सभा की दो सीटों के लिए अधिसूचना 28 तारीख को जारी होगी। इससे पहले दावेदारों को लेकर भाजपा कांग्रेस में हलचल बढ़ रही है। पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने अपनी दावेदारी को खारिज कर दिया है। बघेल ने कहा कि मैं राज्य सभा नहीं जाऊंगा, पार्टी के अन्य नेताओं को मौका मिलना चाहिए। इस पर फैसला हाईकमान करेगा। नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने कहा छत्तीसगढ़ से अपने ही नेता को भेजेंगे। इसके लिए पैनल ने ही सर्वसम्मति से फैसला होगा। दूसरी ओर प्रदेश के सबसे बड़े साहू समाज ने भी दावा ठोंका है। समाज के प्रदेश अध्यक्ष डॉ निरेंद्र साहू ने आज भाजपा अध्यक्ष किरण सिंह देव और नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत से मुलाकात कर समाज से प्रत्याशी बनाने की मांग की है।


