रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 15 फरवरी। भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता शिवनारायण पाण्डेय ने बस्तर में नक्सलवाद के खात्मे की दिशा में हो रही निर्णायक प्रगति पर संतोष व्यक्त कर कहा है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा 31 मार्च, 2026 तक देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने का घोषित संकल्प अब वास्तविकता बनने की ओर अग्रसर है। श्री पाण्डेय ने स्पष्ट किया कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार बस्तर को नक्सली हिंसा के चंगुल से मुक्त कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कहा कि बस्तर में अब नक्सलवाद अपनी अंतिम सांसें ले रहा है। नक्सलवाद अब बस्तर की केवल कुछ ही ग्राम पंचायतों तक सीमित रह गया है। सुरक्षा बलों के शौर्य और सरकार की दृढ़ इच्छाशक्ति के कारण बड़े-बड़े नक्सली नेता या तो मारे गए हैं या उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया है। केंद्रीय समिति के सदस्यों सहित बड़ी संख्या में कैडर मुख्यधारा में लौट आए हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि नक्सलियों ने बस्तर की ज़मीन में जगह-जगह आईईडी, प्रेशर बम और डेटोनेटर्स का जाल बिछाया था, जिससे निर्दोष ग्रामीणों और जवानों की जान को खतरा बना रहता है। इस चुनौती से निपटने के लिए गृह मंत्री के निर्देशानुसार डीआरडीओ की 18 विशेष टीमें तैनात की गई हैं। ये टीमें आधुनिक उपकरणों के साथ ज़मीन के नीचे छिपे विस्फोटकों को खोजकर नष्ट करेंगी ताकि बस्तर को पूरी तरह भयमुक्त और निरापद बनाया जा सके। हाल ही में हुई कुछ दुखद घटनाओं, जिनमें ग्रामीणों और जवानों ने जान गंवाई है, को देखते हुए यह कदम उठाया गया है ताकि बस्तर का कोना-कोना निरापद हो सके।
भाजपा प्रदेश प्रवक्ता श्री पाण्डेय ने कांग्रेस को नक्सलियों की हितैषी बताते हुए तीखा हमला बोला और कांग्रेस की भूमिका पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि कांग्रेस ने हमेशा नक्सलियों के प्रति भ्रम की स्थिति बनाए रखी और कभी भी उनके खिलाफ सख्त रुख नहीं अपनाया। जब भी नक्सलियों पर कार्रवाई हुई या उन्होंने आत्मसमर्पण किया, कांग्रेस ने इसे छोटा किसान या पंचर बनाने वाला बताकर सुरक्षा बलों के मनोबल को गिराने की कोशिश की। यहाँ तक कि झीरम घाटी जैसी घटनाओं पर भी कांग्रेस ने केवल राजनीति की और नक्सलियों के खिलाफ कभी कोई निंदा प्रस्ताव तक पारित नहीं किया। कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व ने हमेशा नक्सलियों को संरक्षण दिया है और वे नक्सली हिंसा के राजनीतिक लाभार्थी रहे हैं। श्री पाण्डेय ने कहा कि कांग्रेस ने सदैव नक्सलियों को पालने, पोसने और संरक्षित करने का काम किया है। नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कांग्रेस के जनप्रतिनिधि अक्सर नक्सलियों के सहयोग से ही चुनकर आते रहे हैं।
श्री पाण्डेय ने कहा कि नक्सलवाद की समाप्ति के साथ ही बस्तर में विकास के नए द्वार खुल रहे हैं। बस्तर ओलंपिक और बस्तर पण्डुम जैसे बड़े आयोजनों के माध्यम से जनता और प्रशासन के बीच विश्वास बढ़ रहा है। इन कार्यक्रमों में जनता की स्वस्फूर्त भागीदारी यह दर्शाती है कि लोग अब हिंसा को नकार कर विकास और शांति के साथ जुड़ रहे हैं।


