रायपुर

एसआईआर: पूर्व भाजपा पार्षद पर दर्जनों मतदाताओं के नाम कटवाने का आरोप, पुलिस कार्रवाई की मांग
13-Feb-2026 6:22 PM
एसआईआर: पूर्व भाजपा पार्षद पर दर्जनों मतदाताओं के नाम कटवाने का आरोप, पुलिस कार्रवाई की मांग

कांंग्रेसियों ने घेरा पुलिस चौकी

‘छत्तीसगढ़’  संवाददाता

राजनांदगांव, 13 फरवरी। शहर के स्टेशनपारा वार्ड में मतदाता सूची विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं का नाम सूची में गायब होने के बाद कांग्रेस नेताओं ने गुरुवार को चिखली पुलिस चौकी में धावा बोल दिया। कांग्रेस नेताओं ने भाजपा के पूर्व पार्षद देवेश घाटोडे और बूथ अध्यक्ष किशन अग्रवाल पर साजिश रचने का आरोप लगाते जुर्म दर्ज करने की मांग की।

एसआईआर के अंतिम चरण में फार्म-7 पर सवाल उठाते कांगे्रसियों ने कहा कि फार्म भरकर षडयंत्र के तहत वार्ड के जीवित मतदाताओं का नाम काटा गया है। इस मामले को लेकर अब कांग्रेस ने बीएलओ और जिम्मेदार लोगों को दोषी मानते हुए चिखली पुलिस चौकी प्रभारी कैलाश मरई को शिकायत की।

मिली जानकारी के अनुसार शहर के राजेन्द्र प्रसाद 11 नंबर वार्ड के रहने वाले 32 मतदाताओं का नाम साजिश के तहत गायब होने की जानकारी मिलने के बाद कांग्रेस के पूर्व पार्षद आसिफ अली ने पूर्व महापौर हेमा देशमुख, पूर्व पार्षद कुलबीर छाबड़ा, अमित चंद्रवंशी समेत कई नेताओं के साथ पुलिस चौकी पहुंचकर मामले की जानकारी दी। कांग्रेस नेताओं ने खुलकर आरोप लगाया कि पूर्व पार्षद देवेश घाटोडे और  किशन अग्रवाल ने साजिश रचकर 32 मतदाताओं का नाम काटा है। जबकि सभी मतदाता वार्ड में निवासरत है।

प्रमुख शिकायतकर्ता श्री अली ने दावा किया है कि राजनीतिक दुर्भावना के तहत यह साजिश रची गई है। एसआईआर को लेकर कांग्रेस पहले से ही आवाज उठा रही है। इस घटना से यह साफ  हो गया कि भाजपा राजनीतिक साजिश रचकर मतदाताओं का नाम काटने का खेल कर रही है। कांग्रेस नेताओं ने नाम काटने से जुड़े दस्तावेज बतौर साक्ष्य चौकी प्रभारी और तहसीलदार को सौंपा है।

इधर राजनांदगांव शहर के अलावा छुईखदान, गंडई, अंबागढ़ चौकी और डोंगरगढ़ में भी नाम काटने की शिकायत सामने आई है। राजनांदगांव शहर में नाम काटने का यह पहला मामला है। कांग्रेस ने प्रशासन की कार्यप्रणाली को लेकर संदेह व्यक्त किया है। कांग्रेस नेताओं ने पुलिस चौकी के सामने भाजपा और अन्य जिम्मेदारों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की है। कांग्रेस ने साफ किया है कि नाम सूची में नहीं जुडऩे पर आंदोलन किया जाएगा। कांग्रेसी नेताओं ने पुलिस से शिकायत में नाम काटने को लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 की धारा 31 भारतीय न्याय संहिता की धारा 212 के अंतर्गत दंडनीय अपराध के तहत जुर्म कायम करने की मांग की है।


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