रायपुर

बोरियों में अफीम-डोडा भरकर बेचने की फिराक में घूम रही दो महिलाओं को जेल
04-Feb-2026 6:14 PM
बोरियों में अफीम-डोडा भरकर बेचने की फिराक में घूम रही दो महिलाओं को जेल

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 4 फरवरी। अफीम और डोडा की तस्करी करने वाली दो महिला आरोपितों को विशेष अदालत ने कठोर सजा सुनाई है। एनडीपीएस जज पंकज कुमार सिन्हा ने मंगलवार को फैसला सुनाते  हुए शोभा सावलानी और किरन चंदानी को 10 साल जेल और प्रत्येक पर एक लाख का जुर्माना लगाया है। न्यायालय ने जेल वारंट किया है।  आरोपी है कि पांच साल पहले दोनों महिलाएं स्कूटी से अफीम और डोडा बेचने शहर में धूम रहे थे। पांच साल पहले राजेंद्र नगर इलाके की है।

अभियोजन पक्ष के वकील केके चंद्राकर ने बताया कि 26 अक्टूबर 2020 को न्यू राजेंद्र नगर  पुलिस को मुखबीर से सूचना मिली थी कि दो महिलाएं अपने पास नशीला पदार्थ रखीं है, और अलौकिक धामक की ओर से मेडिशाईन अस्पताल की ओर जा रहे हैं। सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने बताए गए हुलिए और गाड़ी नम्बर के आधार पर दो संदिग्ध महिलाओं को रोका और उससे पूछताछ की गई। जिसमें महिलाओं ने अपना नाम शोभा सावलानी और किरन चंदानी बताए। उसके पास रखे बोरी की तलाशी लेने पर उसमें अफीम और डोडा पाया गया।

इस प्रकार पुलिस ने शोभा सावलानी के कब्जे से 10.400 किलो अफीम और 9 किलो डोडा और दूसरे के पास से 19 .300 किलो डोडा बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपितों के खिलाफ एनडीपीएस की धारा का अपराध दर्ज किया गया। जब्त सामान की  एफ.एस.एल. कराया गया एवं प्रकरण में विवेचना उपरांत अभियोग पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से अपना-अपना पक्ष रखा गया। जिसमें प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपित शोभा सावलानी और किरण चंदानी को दोषी ठहराया है। अदालत ने दोनों को 10-10 साल कारावास और 1 लाख के जुर्माने से दंडित किया गया। साथ ही जुर्माने की राशि अदा न करने पर दोनों को अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।

 

58 किलो गांजे के साथ पकड़ाए, दो को 20 साल जेल

रायपुर,4 फरवरी। रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 2 से गांजा तस्करी में पकड़े गए दो आरोपी प्रशांत कुमार लिमा और चितरंजन पाइक को एनडीपीएस विशेष न्यायाधीश ने 20 साल जेल की सजा दी है। जीआरपी पुलिस ने मादक पदार्थ तस्करी पकड़ा था। इनके पास से  58 किलो गांजा बरामद किया गया।

जीआरपी को मुखबिर से सूचना मिली थी कि 12146 पुरी-एलटीटी सुपरफास्ट एक्सप्रेस से गांजा की तस्करी की सूचना मिली थी। मुखबिर द्वारा बताए गए हुलिए के दो संदिग्ध व्यक्ति बैग लेकर उतरते समय भागने का प्रयास कर रहे थे, जिन्हें घेराबंदी कर पकड़ा गया। पूछताछ में उन्होंने अपना नाम प्रशांत कुमार लिमा एवं चितरंजन पाइक बताया। उनके बैग की तलाशी लेने पर 58 किलो गांजा बरामद हुआ।

आरोपी प्रशांत कुमार लिमा के पास से 26 किलो 900 ग्राम तथा आरोपी चितरंजन पाइक के पास से 31 किलो 100 ग्राम गांजा बरामद किया गया। पुलिस द्वारा दोनों आरोपियों को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(ड्ढ)(द्बद्ब)(ष्ट) के तहत गिरफ्तार कर न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। नमूनों का परीक्षण के भेजा गया, जहां परीक्षण रिपोर्ट में गांजा होना प्रमाणित पाया गया।

प्रकरण में अभियोजन पक्ष ने कुल 9 गवाहों को न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय ने अभियोजन के गवाहों और साक्ष्यों को सही माना और दोनों आरोपियों को 20बी(2)(बी)के अपराध में दोषी ठहराया गया। दोनों पर 20 साल की जेल और 2-2 लाख का जुर्माना लगा।


अन्य पोस्ट