रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 जनवरी। प्रेम विवाह के बाद दहेज के लिए शारीरिक, मानसिक और आर्थिक प्रताडऩा के मामले में महिला ने पति और ससुरालियों के खिलाफ थाना में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने धारा 3(5), 85 की धारा के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर
दी है।
आमानाका निवासी शेफाली वर्मा जो वर्तमान में डेलॉइट, बेंगलुरु में कार्यरत हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि उनका 17 फरवरी 2025 को पारिवारिक सहमति से जुबराज भट्टाचार्य के साथ विवाह हुआ था। आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण दोनों ने कोर्ट मैरिज की थी। विवाह के एक माह बाद से ही पति और ससुराल पक्ष दहेज को लेकर ताने, गाली-गलौज और मानसिक उत्पीडऩ शुरू कर दी। पति जुबराज भट्टाचार्य, सास अपराजिता भट्टाचार्य और ससुर जादब भट्टाचार्य लगातार मायके से पैसे लाने का दबाव बनाते रहे। पति छोटी-छोटी बातों पर झगड़ा कर अपमानित करता था। कई बार जान से मारने व घर से निकालने की धमकी भी दी गई। हालात बिगडऩे पर पीडि़ता रायपुर अपने मायके आई और काउंसलिंग के लिए आवेदन दिया, लेकिन पति एक बार भी काउंसलिंग में उपस्थित नहीं हुआ।
बाद में पति के दबाव में उसके भाई और पिता ने अलग-अलग किश्तों में 3.5 लाख रुपए उसे भेजे थे। इसके बावजूद प्रताडऩा कम नहीं हुई। घर का पूरा खर्च भी उसकी आय से कराया जाता रहा।
आरोप है कि पति ने पीडि़ता के डेबिट-क्रेडिट कार्ड अपने पास रखकर बिना जानकारी के उपयोग किया। उसके नाम पर खरीदी गई कार की किस्तें भी खुद नहीं चुकाईं, जिससे उसे अब तक 80 हजार रुपए से अधिक की किस्तें भरनी पड़ीं। इतना ही नहीं, उसकी दो पहिया वाहन को पति ने फर्जी हस्ताक्षर कर बेच दिया। बैंक जांच में यह भी खुलासा हुआ कि पति ने बैंक खाते में ई-मेल आईडी और मोबाइल नंबर बदलकर अपडेट करा लिया था। जिससे 3.50 लाख रुपए का क्रेडिट कार्ड बकाया हो गया और कार्ड एनपीए घोषित कर दिया गया।
इसके अलावा, पति द्वारा फर्जी नियुक्ति पत्र दिखाकर विदेश यात्रा की बुकिंग भी पीडि़ता के क्रेडिट कार्ड से कराई गई। शिकायत पर पुलिस ने पति जुबराज भट्टाचार्र्य, और ससुरालियों के विरुद्ध धारा 85 एवं 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ कर दी है।


