रायपुर

नर्सिंग छात्र भी आंदोलन की राह पर, कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन
22-Jan-2026 8:28 PM
नर्सिंग छात्र भी आंदोलन की राह पर, कुलसचिव को सौंपा ज्ञापन

सेमेस्टर एक साल पिछड़ा, परीक्षा की भी कई दिक्कतें

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 22 जनवरी। नर्सिंग एसोसिएशन ने आयुष विश्वविद्यालय के  कुलसचिव को ज्ञापन सौंप कर सेमेस्टर छात्रों की विभिन्न शैक्षणिक एवं परीक्षा संबंधी दिक्कतों के निराकरण की मांग की है। आयुष विश्वविद्यालय से संबद्ध नर्सिंग कॉलेजों के सेमेस्टर छात्र वर्तमान शैक्षणिक एवं परीक्षा प्रणाली से अत्यंत असंतुष्ट एवं मानसिक रूप से परेशान हैं।

 उन्होंने बताया कि सेमेस्टर परीक्षा फॉर्म शुल्क-1500 (पंद्रह सौ रुपये) निर्धारित किया जाए तथा परीक्षा फॉर्म केवल ऑनलाइन माध्यम से भरा जाए। जिससे कॉलेजों में चल रही अनियमितताओं पर रोक लग सके।

एसोसिएशन ने कहा कि विश्वविद्यालय में सेमेस्टर छात्रों का शैक्षणिक सत्र लगभग एक वर्ष पीछे हो चुका है। अत: वर्ष 2026 में सेमेस्टर की परीक्षा दो बार आयोजित की जाना अनिवार्य है।  तत्काल टाइम-टेबल जारी कर तथा परीक्षा लें और एक माह के भीतर परिणाम घोषित किया जाए।

इसी तरह से रीचेकिंग एवं री-टोटलिंग फॉर्म भरने की प्रक्रिया भी ऑनलाइन माध्यम से की जाए। साथ ही. परिणाम जारी करने की प्रणाली में परिवर्तन करते हुए छात्रों को यह स्पष्ट रूप से दर्शाया जाए कि उनके अंकों में कितनी वृद्धि या कमी हुई है।

एसोसिएशन ने कहा कि हम सभी सेमेस्टर परिणामों से संतुष्ट नहीं हैं तथा हमें यह संदेह है कि सभी परीक्षा केंद्रों में उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन सही ढंग से नहीं हुआ है। अत: जो छात्र अपनी उत्तर पुस्तिका देखना चाहते हैं, उन्हें आवेदन  के माध्यम से उत्तर पुस्तिका की फोटो कॉपी उपलब्ध कराई जाए तथा उस उत्तर पुस्तिका का किसी वरिष्ठ नर्सिंग प्रोफेसर से पुनर्मूल्यांकन कराया जाए।सभी कॉलेजों के लिए प्रायोगिक परीक्षा शुल्क 300 निर्धारित किया जाए, ताकि छात्रों से मनमानी वसूली रोकी जा सके।अन्यथा, छात्र संगठन को विवश होकर आंदोलन करना होगा। महोदय, पिछली बार आश्वासन दिया गया था कि 6 दिनों के भीतर हमारी सभी मांगे पूर्ण कर दी जाएंगी, किंतु परिणाम जारी करने में लगभग 2 माह का समय लगा। लिखित आश्वासन के बावजूद भी उसका कोई प्रभाव नहीं दिखाई दिया। इस बार  सभी मांगों को पूरा करने हेतु विश्वविद्यालय द्वारा तत्काल लिखित आदेश जारी कर विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया जाए, ताकि छात्रों का विश्वविद्यालय प्रशासन पर विश्वास बना रह सके। प्रस्तावित आंदोलन / हड़तालको अनिश्चितकाल के लिए आगे बढ़ाने का निर्णय लेना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी


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