रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 22 जनवरी। पूर्व सीएम भूपेश बघेल के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भी भाजपा सरकार से धान खरीदी एक माह बढ़ाने की मांग की है।
राजीव भवन में नियमित पत्रकार वार्ता में कहा कि धान खरीदी में अब एक हफ्ते का समय शेष है। सरकार ने धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी घोषित किया है। उसमें सिर्फ 9 दिन बचे है। उसमें भी 4 दिन अवकाश रहेगा (24, 25, 26, 31 जनवरी) को छुट्टियां है। सिर्फ 5 दिन और खरीदी होगी। अभी तक 5.5 लाख किसान धान नहीं बेच पाये है। लगभग 4.7 लाख से अधिक किसानों का पंजीयन नहीं हो पाया है।अभी तक मात्र 115 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी हुई है कुल लक्ष्य 165 लाख मीट्रिक टन है। पांच दिन में 50 लाख टन की खरीदी संभव नहीं, अत: लक्ष्य की प्राप्ति के लिये भी तिथि 1 माह बढ़ाया जाना आवश्यक है। बैज ने आरोप लगाया कि धान खरीदी सरकार के भ्रष्टाचार का बड़ा माध्यम बना है। राज्य गठन के बाद से आज तक इतनी अव्यवस्था और बदइंतजामी कभी नहीं रही जो इस सरकार की उपेक्षा और भ्रष्टाचार से एक हजार 37 करोड़ 55 लाख का नुकसान एक ही साल की खरीदी में हो चुका है।
धान के चूहे खाने खराब होने और सडने के नाम पर पूरे प्रदेश में सुनियोजित भ्रष्टाचार किया जा रहा है।
बैज ने यह भी कहा कि सरकार किसानों का पूरा भुगतान नहीं कर रही। सरकार किसानों को धान की पूरी कीमत नहीं दे रही है। भाजपा ने 2023 में वादा किया था कि किसानों को 3100 रू. प्रति क्विंटल में धान खरीदेगी। भाजपा की सरकार बनने के बाद दो सालों में धान के समर्थन मूल्य में 186 रू. की बढ़ोत्तरी हुई। भाजपा सरकार किसानों को इस बढ़ोत्तरी को जोडक़र 3286 रू. में भुगतान करें।
बैज ने बताया कि मनरेगा बचाओ संग्राम में कांग्रेस मजदूरों की हक की आवाज उठा रही। मोदी सरकार ने ग्रामीण भारत को रोजगार देने वाले कानून मनरेगा के स्वरूप में परिवर्तन कर दिया है। सरकार के इस कदम का पूरे देश में विरोध हो रहा है।


