रायपुर

विधायकों का जोर, राजधानी शहर में आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी रहे
21-Jan-2026 8:10 PM
विधायकों का जोर, राजधानी शहर में आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी रहे

शहरी आपदा प्रबंधन में प्रतिरोधक क्षमता पर 2 दिवसीय कार्यशाला शुरू

मीनल बोली-खारून में नालों का गंदा पानी रोके तो शहर में जलभराव से निपटा जा सकेगा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 21 जनवरी। पीडब्ल्यूडी सर्किट हाउस में शहरी आपदा प्रबंधन  पर 2 दिवसीय कार्यशाला शुरू हुई। 

इसमें उत्तर विधायक  पुरंदर मिश्रा ने कहा कि शहर में आपदा प्रबंधन की पुख्ता तैयारी होनी चाहिए। जिस प्रकार नदी को रोकने बड़े बड़े बांध बनाये जाते है उसी प्रकार शहर में नीचली बस्तियों में गंदे पानी की निकासी का समुचित प्रबंधन तालाबो में ओव्हर फ्लो होने से रोकने सिस्टम विकसित किया जाना चाहिए।

दक्षिण विधायक  सुनील सोनी ने कहा कि अच्छे आपदा प्रबंधन को किये जाने अंडरग्राउंड ड्रेनेज सिस्टम शहर में तैयार करने और शहर में वर्तमान में ओपन ड्रेनेज की समस्या को दूर करने कार्यशाला में चर्चा कर प्रभावी समाधान को प्रस्ताव दिया जाना चाहिए।

ग्रामीण विधायक  मोतीलाल साहू ने कहा कि समय समय पर शहर क्षेत्र में भी तेज बारिश में आपदा जैसी स्थिति निर्मित होती है। इसे दूर करने पहले से ही आपदा प्रबंधन व्यवस्थित करने तैयारी सहित आपदा आने की स्थिति में त्वरित कार्यवाही की जानी चाहिए।

धरसींवा विधायक  अनुज शर्मा ने कहा कि आपदा प्रबंधन का विषय छत्तीसगढ़ राज्य के सशक्तिकरण की दृष्टि से आवश्यक है ताकि संभावित आपदाओ पर कारगर नियंत्रण पर कार्य किया जा सके ।

महापौर श्रीमती मीनल चौबे ने दो विश्वास व्यक्त किया कि शहर में खारून नदी में नालो का गंदा पानी जाने से रोकने का कार्य करने और तालाबो को ओव्हर फ्लो रोककर गंदा पानी जाने से रोकने महत्वपूर्ण चर्चा कर आवश्यक रणनीति बनाने  में भूमिका अदा करेगी।

नगरीय प्रशासन एवं विकास सचिव  बसवराजू एस ने  अधिकारियों से कहा कि वे योजना में प्रस्ताव देते समय यह तय कर लेवें कि कौन सा कार्य शहर के लिए महत्वपूर्ण है और ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों को वे प्राथमिकता देना तय करे।  कलेक्टर डॉ. गौरव कुमार सिंह ने  इस कार्यशाला में इलेक्ट्रानिक गजेट्स के निष्पादन की संभावित समस्या का निदान कैसे होगा इस पर सार्थक की जानी चाहिए। कार्यशाला में अधिकारी और अभियंता बहुमंजिली ईमारत में 24 वें माले में आने वाली संभावित विपदा के कुशल निदान व प्रबंधन की रणनीति बनाने विचार करे।

कलेक्टर ने कहा कि कार्यशाला में दुर्घटना को शहर में आपदा बनने से रोकने हेतु रणनीति तैयार करने प्रभावी चर्चा को सम्मिलित किया जाना चाहिए।

उद्घाटन सत्र में एनडीएमए के सदस्य  कृष्णा वत्स ने ऑनलाईन प्रस्तुति दी। उन्होने शहर में बारिश के दौरान जल भराव की समस्या को कारगर ढंग से दूर करने कुशल आपदा प्रबंधन की रणनीति तैयार किया जाना आवश्यक बतलाया एवं इस संबंध में उपयोगी सुझाव अधिकारियो और अभियंताओं को दिये। प्रारंभिक सत्र के अंत में केपीएनजी के संचालक  प्रबल भारद्वाज ने आभार व्यक्त किया। दो दिवसीय कार्यशाला में सम्मिलित होने वृहंन मुंबई महानगर पालिका के आपदा प्रबंधन संचालक  महेश नार्वेकर, आईआईएसएम के सीईओ संतोष कुमार, एडीपीसी के किलियन मूर्फी, टीईआरआई के  शरीयन पंडित सहित अन्य विषय विशेषज्ञ सम्मिलित है।


अन्य पोस्ट