रायपुर

रेलवे अर्बन बैंक में दिवंगतों के नाम पर घोटाला
20-Jan-2026 6:32 PM
रेलवे अर्बन बैंक में दिवंगतों के नाम पर घोटाला

चेयरमैन ने केंद्रीय रजिस्ट्रार कोआपरेटिव को सौंपे दस्तावेज 

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 20 जनवरी। दक्षिण पूर्व रेलवे (दपूरे), दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे(दपूमरे) और ईस्ट कोस्ट रेलवे (ईकोरे) एम्प्लाइज को-आपरेटिव क्रेडिट सोसायटी यानी (अर्बन बैंक)में सालों से चल रहे गोलमाल का मामला दिल्ली सहकारिता मंत्रालय तक पहुंच गया है।

चेयरपर्सन एसपी सिंह ने सहकारिता चुनाव प्राधिकरण के डीके सिंह, केंद्रीय रजिस्ट्रार (को-आपरेटिव सोसायटी) आलोक कुमार झा और संयुक्त रजिस्ट्रार मोनिका खन्ना के साथ इस मामले में एक बैठक भी की और उन्हें पूर्व बोर्ड की वित्तीय अनियमितताओं के साक्ष्य सौंपे?।

श्री सिंह ने इस मामले में मंत्रालय को जो रिपोर्ट सौंपी है उसमें मृत सदस्यों को जिंदा बताकर की गयी निकासी से लेकर पूर्व निदेशक मंडल द्वारा की गयी अवैध नियुक्तियों की पूरी कहानी बताई है।

में बताया गया है कि पूर्व निदेशकों ने कागजों पर मृत कर्मचारियों को ‘जीवित’ दिखाया और उनके नाम पर सोसायटी के फंड से लाखों रुपये की निकासी की? भ्रष्टाचार का जाल नियुक्तियों तक भी फैलाया। सेंट्रल रजिस्ट्रार और हाईकोर्ट के आदेश थे कि बिना समय पर चुनाव कराए कोई भी नीतिगत निर्णय या नई नियुक्ति नहीं की जाएगी।

इसके बावजूद पूर्व बोर्ड ने अपने रिश्तेदारों और चहेतों को फर्जी तरीके से नौकरियां बांटीं। इस तरह हजारों रेल कर्मचारियों की मेहनत की कमाई का बंदरबांट किया गया। अर्बन बैंक के सूत्रों के अनुसार सहकारिता मंत्रालय ने इन शिकायतों को गंभीर माना है।सेंट्रल रजिस्ट्रार ने आश्वासन दिया है कि शेयरधारकों के पैसे के दुरुपयोग और अवैध नियुक्तियों की जांच कराई जाएगी। यहां बता दें कि पूर्व में अर्बन बैंक के दो कर्मचारी विवेकानंद बख्शी, कैशियर खडग़पुर और चक्रधरपुर शाखा के वरिष्ठ लिपिक स्वरनेन्दु जाना को फर्जी हस्ताक्षर कर शेयरधारक का पैसा निकालने के आरोप मे  सेवा से वर्तमान कमेटी ने बर्खास्त कर दिया गया था।


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