रायपुर

नवरात्रि में तिमाही परीक्षाएं 22 से, कल ही तय किया टाइम टेबल
18-Sep-2025 8:29 PM
नवरात्रि में तिमाही परीक्षाएं 22 से, कल ही तय किया टाइम टेबल

कलेक्टर ने डीईओ को तलब किया, परिवर्तन संभावित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 18 सितंबर। राजधानी के जिला शिक्षा विभाग ने तुगलकी फरमान जारी करते हुए नवरात्रि के दिनों में 1-11 वीं कक्षाओं की तिमाही परीक्षाएं तय कर दिया है। वह भी 17 सितंबर को तय करते हुए 5 दिन बाद 22 सितंबर से परीक्षा लेने के निर्देश जारी कर दिया था। कक्षा 1-5 की 22-25 सितंबर, 6-8 वीं की 22-27 सितंबर और 9-11 वीं की परीक्षाएं 6-11 अक्टूबर तक ली जाएंगी। इसके प्रश्न पत्र स्कूल स्तर ही तैयार करने कहा गया है।

यहां बता दें कि नवरात्र के व्रत उपवास पांचवीं और 11 वीं तक के स्कूली बच्चे खासकर छात्राएं भी रखती हैं। ऐसे में परीक्षाएं लेना बच्चों को सनातनी पर्व से दूर करेगा। अचानक परीक्षा तय करने से भी बच्चों की तैयारी और नतीजों पर भी असर पड़ेगा।

यहां यह भी बता दें कि नवरात्रि के महत्व को देखते हुए राजधानी और प्रदेश के तमाम निजी स्कूलों में त्योहार से पहले ही तिमाही, छमाही परीक्षाएं इन दिनों जारी है। लेकिन शासकीय स्कूलों में त्योहारी समय में ली जा रही हैं। इस संबंध में भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने सुबह कुछ न्यूज पोर्टल में खबर प्रसारित होने के बाद जिला कलेक्टर से चर्चा की। कलेक्टर ने उन्हें आश्वस्त किया कि वे डीईओ को बुलाकर इस संबंध में आवश्यक चर्चा करेंगे।

बता दें कि राजधानी जिले की शिक्षा व्यवस्था बीते दो महीने से पटरी से उतर गई है। पूरा अमला सरकारी और जिला प्रशासन के गैर शिक्षकीय कार्यों में झोंका जा रहा है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।

परीक्षाएं तय, और दूसरी तरफ मतदाता सूची के लिए शिक्षकों की तैनाती

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

रायपुर, 18 सितंबर।  जिला शिक्षा विभाग ने एक तरफ तिमाही परीक्षाएं तय कर दिया है और दूसरी तरफ मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए शिक्षकों को बीएलओ बनाकर आयोग के ट्रेनिंग में जाने कह दिया है। मिली जानकारी अनुसार  मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने राजधानी के चार विधानसभा क्षेत्रों की मतदाता सूची पुनरीक्षण के लिए दो दिन का प्रशिक्षण कार्यक्रम तय किया है। इसमें रायपुर ग्रामीण और रायपुर पश्चिम के बीएलओ और बीएल?ओ के सुपरवाइजरों को प्रशिक्षित किया जाना है। जो 18-19 सितंबर को आयोजित किया। डीईओ ने बुधवार को ही आदेश जारी कर सभी को प्रशिक्षण में शामिल होने कहा है। प्रशासन, सहायक शिक्षकों को ही बीएलओ नियुक्त करता है। इसके चलते गुरुवार को एक भी सहायक शिक्षक स्कूल नहीं पहुंचे। उनका कहना है कि वे डबल ड्यूटी नहीं करेंगे।  बता दें कि राजधानी जिले की शिक्षा व्यवस्था बीते दो महीने से पटरी से उतर गई है। पूरा अमला सरकारी और जिला प्रशासन के गैर शिक्षकीय कार्यों में झोंका जा रहा है। इसका सीधा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।


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