रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 16 सितंबर। एक सितंबर से आंदोलनरत आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिका संयुक्त मंच की हजारों महिलाएं 19 सितम्बर को महिला एवं बाल विकास मंत्रालय रायपुर के समक्ष में जंगी प्रदर्शन और महाधरना करेंगी। उस दिन पूरे प्रदेश में आंगनबाड़ी केंद्र बंद रहेंगे।प्रान्तीय अध्यक्ष श्रीमती सरिता पाठक, ने आज एक प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि आइसीडीएस की स्थापना को हुए लगभग 50 वर्ष होने को है। छत्तीसगढ़ मे एक लाख से अधिक महिला आंगनबाड़ी कार्यकर्ता सहायिकाये कार्यरत है, इन 50 वर्ष में अब तक सरकार इन्हे ना ही मजदूर मानती है ना ही कर्मचारी बुनियादी सुविधा मुहैय्या करा पाई है और ना ही मूलभूत मांग जैसे जीने लायक वेतन, समाजिक सुरक्षा के रूप मे बुढ़ापे की सहारा पेशन प्रेक्युबेटी. समूह बीमा और चिकित्सा सम्मान और शासकीयकरण की मांग को पूरा नहीं किया है।
संयुक्त मंच की 8 मांगें
- शिक्षाकर्मी, पंचायत कर्मी की तरह नीति बनाकर आंबा कार्यकर्ता को तृतीय श्रेणी और सहायिका को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी घोषित किया जाए।
- घोषित होते तक पूरे देश में एक समान वेतन कार्यकर्ता को प्रतिमाह 26000/- और सहायिका को 22100/-(कार्यकर्ता का 85 प्रतिशत)
- लागू हो।
- समाजिक सुरक्षा के रूप मे सेवानिवृत्ति पर सभी कार्यकर्ता सहायिकाओ को पेंशन, ग्रेज्युवेटी समूह बीमा और कैशलेश चिकित्सा सुविधा।
- सहायिका को कार्यकर्ता के पद पर और कार्यकर्ता को सुपरवाईजर के पद पर सिधे पदोन्नति दिया जाए जिस तरह से सन् 1998-99 मे नीति बनाकर किया गया था।
- सरकार द्वारा वर्तमान मे पोषण ट्रेकर, फेस केप्चर बंद कर आफ लाईन सभी कार्य लिया जाए।
- मंहगाई भत्ता दिया जावे. मान. उच्च न्यायालय गुजरात द्वारा ग्रेज्युवेटी और न्यूनतम वेतन के संबंध में पारित
- निर्णय को छत्तीसगढ़ मे भी लागू किया जाए।
- सेवा निवृत्ति पश्चात कार्यकर्ता को 10000/और सहायिका को 8000/मासिक पेंशन और बुढ़ापे के शेष जीवन यापन के लिए कार्यकर्ता को 5 लाख रुपयेऔर सहायिका को 4 लाख रुपये एक मुस्त ग्रेजुवेटि राशि प्रदान किया जावे।
- द्यअनुकंपा नियुक्ति- कार्यकर्ता सहायिका के आकस्मिक मृत्यु होने पर परिवार के एक सदस्य को अनुकंपा नियुक्ति दिया जावे।


