रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 23 अगस्त। विधानसभा चुनाव के दौरान बेहिसाब खर्च और संदिग्ध गतिविधियों से निपटने के लिए निर्वाचन कार्यालय ने मोर्चेबंदी कर ली है। अभी से ही प्रर्वतन एजेंसियों को सतर्क कर दिया गया है। केंद्रीय चुनाव आयोग ने 28 लाख रुपये की व्यय राशि को 40 लाख रुपये तक बढ़ाया है।
निर्वाचन कार्यालय ने हाइप्रोफाइल सीटों पर अलग से निगरानी की व्यवस्था की है। चेक पोस्ट, उडऩदस्ता, कैश मानिटरिंग आदि मामलों पर संबंधित एजेंसियों को 24 घंटे तैयार रहने को कहा गया है। निर्वाचन कार्यालय ने संवेदनशील ऐसे समस्त सीमावर्ती राज्यों के प्रवर्तन एजेंसियों से समन्वय स्थापित कर अंतरराष्ट्रीय सीमा, चेक पोस्ट नाकों पर सतत निगरानी के निर्देश दिए हैं। ऐसे सभी विधानसभा क्षेत्र जो सीमावर्ती राज्यों से सटे हैं, उन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी।
आबकारी, आयकर, पुलिस, राज्य जीएसटी-केंद्रीय जीएसटी, पुलिस, वन विभाग,केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, राजस्व आसूचना निदेशालय, परिवहन विभाग, नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो, केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर एवं सीमा शुल्क भारतीय रिज़र्व बैंक, भारतीय विमानपत्तन, स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी, डाक विभाग, विमानन विभाग एवं भारतीय रेल।
राज्य एवं केंद्रीय जीएसटी को निर्देशित किया गया है कि वेयर हाउस एवं गोडाउन पर विशेष सर्चिंग अभियान चलाया जाए। कपड़ा, साड़ी एवं अन्य प्रलोभन की वस्तुओं के अवैध वितरण पर रोक लगे। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो सहित अन्य एजेंसियां शिकायत के लिए नंबर जारी करें।
छत्तीसगढ़ की सीईओ रीना बाबा साहेब कंगाले ने कहा कि विधानसभा निर्वाचन में व्यय की जांच तैयारियों के संबंध में केंद्रीय एजेंसियों एवं राज्य के बेहतर समन्वय से कारगर सर्तकता प्रणाली लागू होगी।


