रायपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 9 अगस्त। कांग्रेस पार्टी की सदस्यता से इस्तीफा देने की चर्चा के बीच आदिवासी नेता अरविंद नेताम ने कहा कि कांग्रेस में हूं या नहीं, यह मेरे लिए दुविधा है? आज पार्टी में प्रदेश के नेता की इच्छा हुई तो रहेगा, नहीं तो नहीं रहेगा। यदि नेताम कांग्रेस छोड़ देते हैं, तो यह आने वाले चुनाव में कांग्रेस के लिए बड़ा झटका होगा। नेताम इंदिरा राजीव की सरकारों में केन्द्रीय मंत्री रह चुके हैं।
अपने आप को सर्व आदिवासी समाज से जोड़ अरविंद नेताम में मीडिया से चर्चा में कहा कि राजनीति का नियम हैं कि दो पार्टी में रहकर चुनाव प्रचार नहीं कर सकते।मैं प्रक्रिया का इंतजार कर रहा हूं,चुनाव लडऩा है तो कांग्रेस पार्टी छोडऩा ही पड़ेगा।उन्होंने कहा कि पार्टी ने नोटिस दिया था, मैंने जवाब दे दिया।फैसला कांग्रेस पार्टी को करना चाहिए।कांग्रेस से निकाल दें या फिर रख लें। इसके साथ ही उन्होंने मीडियाकर्मियों से गुजारिश कर डाली कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी से पूछ के बता दे कि मैं पार्टी में हूं या नहीं। आदिवासी दिवस पर अरविंद नेताम ने कहा कि हम इस दिवस में समीक्षा करेंगे। समाज के तरफ से समीक्षा होगी।अधिकांश देशों में आदिवासियों के साथ अन्याय हो रहा है। हम मजबूर होकर चुनाव मैदान में उतर रहे हैं।
संतुष्ट कर पाना संभव नहीं-बैज
इस मुद्दे पर पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज का बड़ी प्रतिक्रिया सामने आई है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक व्यक्ति को संतुष्ट कर पाना संभव नहीं है। आदिवासी समाज हमारी सरकार से खुश है। लोकतंत्र में कोई भी चुनाव लड़ सकता है।


