रायपुर

पोस्टिंग में संशोधन को निरस्त नहीं करने की मांग किसलिए— बघेल
31-Jul-2023 2:31 PM
पोस्टिंग में संशोधन को निरस्त नहीं  करने की मांग किसलिए— बघेल

शिक्षक सेवी संघ का आरोप

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 31 जुलाई।
प्रदेश शिक्षक सेवी कल्याण संघ छग के प्रदेश अध्यक्ष चेतन बघेल ने सभी शिक्षकों के नाम एक खुला संदेश जारी कर  संयुक्त मोर्चा के नेताओं पर कई सवाल खड़ा किया है। बघेल ने कहा है कि पूरे प्रदेश के शिक्षक साथी छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा के द्वारा शिक्षा मंत्री से किये गए मांग पत्र पर अच्छे से गहन चिंतन मनन करे द्यप्रदेश के पांचों संभाग मे शासन के दिशा निर्देश के अनुसार काउंसलिंग के द्वारा बहुत ही अच्छा पदस्थ किया गया था,  पर करोड़ों रुपया कमाने के लिए संशोधन के नाम पर ऐसा खेल खेला गया। 
 जबकि प्रदेश शिक्षक सेवी कल्याण संघ ने शुरू से ही संशोधन का विरोध किया है। और निरस्त करने का मांग करता रहा है । मोर्चा के सभी पदाधिकारी अपने अपने प्रदेश अध्यक्षों से पूछे किस आधार पर संशोधन को निरस्त नहीं करने की मांग कर रहे है। सहायक शिक्षक फेडरेशन जब मोर्चा मे शामिल हुआ तभी प्रदेश के शिक्षक साथी कयास लगा रहे थे की आखिर ये मोर्चा बना किस लिए है सो आज पता चल गया।

प्रदेश अध्यक्ष ही यदि प्रदेश के शिक्षकों को ऐसी लुटते रहेंगे फिर किसके ऊपर विश्वास किया जाए।अपने आपको बड़ा संगठन समझने मोर्चा के मुखिया अधिकारियों से मिलकर भ्रष्टाचार को बढ़ावा देने मे बराबर के हकदार हैं।  इस घटना का प्रदेश शिक्षक सेवी कल्याण संघ कड़े शब्दों में निंदा करता है। और सी बी आई जाँच की मांग करेगा।

यह है मामला : इससे पहले बिलासपुर में पोस्टिंग घोटाला सामने आया था। इसमें सरकार ने बिलासपुर के ज्वाइंट डायरेक्टर और वहां के बाबू को सस्पेंड कर दिया है। इन लोगों ने 800 से अधिक पोस्टिंग बदल दी थी। कांग्रेस नेताओं ने सीएम भूपेश बघेल से शिकायत की थी कि इस मामले करोड़ों की लेनदेन हुई है। सीएम के निर्देश पर जेडी पर कार्रवाई हुई। शिक्षकों के बीच चर्चा है कि संघ के नेताओं की भी इसमें हिस्सेदारी रही है। 

पड़ताल में खुलासा हुआ कि सिर्फ बिलासपुर नहीं, पूरे प्रदेश में सहायक शिक्षकों के प्रमोशन के बाद पोस्टिंग में खेल हुआ। स्कूल शिक्षा विभाग ने मामले की व्यापकता को देखते हुए सभी पांचों संभागों में जांच करने के लिए कमिश्नर से जांच का ऐलान किया। कमिश्नरों की जांच में बड़ी गड़बड़ी सामने आ रही है। चर्चा है कि सरकार पोस्टिंग को निरस्त कर सकती है। क्योंकि, इसको लेकर शिक्षकों में काफी नाराजगी है, जिनका पैसे के अभाव में दूर के स्कूलों में भेज दिया गया। विस चुनाव के ठीक पहले इस तरह के संगठित भ्रष्टाचार से संदेश भी अच्छे नहीं जा रहे हैं।

चौबे से मिलने शिक्षक मोर्चा के पदाधिकारी पहुंचे थे। इस दौरान नेताओं ने लिखित में आग्रह किया कि पोस्टिंग को न निरस्त किया जाए। इससे शिक्षकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।


अन्य पोस्ट