रायपुर

एक ही भूखंड को दो लोगों को बेचने के नाम पर बैंक से 71 लाख की धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार
17-Jul-2023 4:29 PM
एक ही भूखंड को दो लोगों को बेचने के नाम पर  बैंक से 71 लाख की धोखाधड़ी, दो गिरफ्तार

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 17 जुलाई। 
एक ही संपत्ति के नाम पर अलग-अलग बैंकों से लाखों रूपए के कर्ज कीी ठगी करने वाले 2 लोगों को  गिरफ्तार किया गया है। मामले की एफआईआर बैंक प्रबंधक ने की थी। 

कचना निवासी तोषण कुमार मण्डलोई  छ.ग. राज्य ग्रामीण बैंक में शाखा प्रबंधक पदस्थ है। उनकी एफआईआर के मुताबिक उनके बैंक से आवेदक देवेन्द्र देवांगन एवं उसकी पत्नी श्रीमती प्रीति  ने आवास ऋण खाता क्र. 77077042644 के माध्यम से  पचपन लाख रूपए स्वीकृत कराकर 40 लाख  13 जनवरी 21 को लिया था। आवासीय भूखंड का विक्रय विलेख निष्पादन विक्रेता श एम. ए. नईम के पक्ष में मुख्तार ग्रहीता अभिषेक राउत  द्वारा क्रेता  देवेन्द्र देवांगन के पक्ष में विक्रय विलेख दिनांक 19 जनवरी - 21 को उपपंजीयक कार्यालय रायपुर में निष्पादित किया गया है। 

विक्रय विलेख में भूखंड आवासीय परिवर्तित भूमि जिसका खसरा नंबर 49/8 का भाग, जिसका रकबा 3000 (तीन हजार) वर्ग फुट मौजा गुढिय़ारी, प.ह.नं. 107/37, रा.नि.म. रायपुर 01, जो कि नगर निगम क्षेत्र वार्ड क्र. 08, नेताजी कन्हैयालाल वार्ड रायपुर तहसील व जिला रायपुर (छ.ग.) में स्थित है। नामांतरण पश्चात फार्म बी-1 में मौजा गुढिय़ारी प.ह.न. 00049, रा.नि.म. रायपुर 04 गुढिय़ारी, तहसील व जिला रायपुर (छ.ग.), भूस्वामी देवेन्द्र देवांगन खसरा क्र. 49/9, क्षेत्रफल 0.0279 हेक्टेयर (3000 वर्ग फुट) इसके बाद फिर से  एम. ए. नईम ने आम मुख्तयार अभिषेक राउत के माध्यम से पुन: स्वत्त विलेख में दर्शित खसरा नंबर 49/8 जिसका कुल रकबा 5146 वर्ग फुट था, में से कुछ भाग 3000 वर्ग फुट देवेन्द्र देवांगन को  19 फरवरी 21 को पुन: बेचा । वहीं रिकार्ड अनुसार रकबा 2146 वर्ग फीट ही बचा था देवेन्द्र देवांगन ने उपरोक्त खरीदी हेतु श्रीराम हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड रायपुर से भी 31.20 लाख रूपए का आवास ऋ ण लिया।

इस प्रकार क्रेता-विक्रेता ने योजना बनाकर एक ही सम्पत्ति का दो-दो बार विक्रय विलेख निष्पादित कर बैंक से धोखाधड़ी सी गई ।  जाँच के दौरान यह भी पाया गया कि प्रकरण में प्रदत्त प्रतिभूति तथा मूल्यांकन रिपोर्ट में दिए गए सम्पत्ति में अंतर है। प्रकरण में प्रदत्त प्रतिभूति मौजा गुढिय़ारी, जिसका खसरा नंबर 49/8 का भाग है, जबकि मुल्यांकन रिपोर्ट में दर्शित सम्पत्ति का मौजा गोंदवारा जिसका खसरा नंबर 652/15 व 652/14 है। इससे ऐसा जानकारी मिला है कि, क्रेता और विक्रेता एवं उनके सहयोगियों ने जानबूझकर योजना बनाकर धोखाधड़ी पूर्वक बैंक तथा मूल्यांकनकर्ता को दूसरी सम्पत्ति दिखाकर ऋण प्राप्त किया है। 


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