रायपुर

एम्स और आईआईटी मिलकर करेंगे रोगियों के लिए अनुसंधान, दोनों के मध्य एमओयू
28-Jul-2022 5:29 PM
एम्स और आईआईटी मिलकर करेंगे रोगियों के लिए अनुसंधान, दोनों के मध्य एमओयू

नेत्र रोग और एमआरआई में शोध को एम्स के साथ साझा करेगा आईआईटी भिलाई
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
रायपुर, 28 जुलाई । 
एम्स रायपुर  और आईआईटी भिलाई मिलकर रोगियों के प्रभावी और कम लागत के उपचार के लिए नई तकनीक विकसित करेंगे। इसके साथ ही आईआईटी द्वारा नेत्र रोगियों और एमआरआई के लिए विकसित की गई नई तकनीक को भी ट्रायल के लिए एम्स को प्रदान किया जाएगा। दोनों ने मिलकर अनुसंधान के लिए नए अवसर तलाशन हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर किए हैं।

निदेशक प्रो. (डॉ.) नितिन एम. नागरकर और आईआईटी भिलाई के निदेशक प्रो. रजत मूना ने एमओयू पर हस्ताक्षर करने के बाद बताया कि आईआईटी ने नेत्र रोगियों और एमआरआई की लागत कम करने के लिए लगातार शोध के बाद नई तकनीक और उपकरणों का विकास किया है। इसे ट्रायल के लिए एम्स को हस्तांरित किया जा सकता है।

प्रो. नागरकर ने उच्च शिक्षा के दोनों संस्थानों के मध्य शोध और अनुसंधान का नया अध्याय शुरू करने पर सभी को बधाई दी। उनका कहना था कि दोनों संस्थानों के शिक्षक मिलकर संयुक्त अनुसंधान प्रारंभ कर सकते हैं। चिकित्सा के क्षेत्र में सदैव नई तकनीक की जरूरत रहती है जिसे आईआईटी के इंजीनियर पूरा कर सकते हैं। इसी दिशा में यह कदम उठाया गया है।

प्रो. रजत ने बताया कि आईआईटी में 10 से अधिक स्टार्टअप्स हैं जिन्होंने विभिन्न क्षेत्रों के लिए अपनी तकनीकी विशेषज्ञता प्रदान की है। इनमें नेत्रों की ज्योति को परखने के लिए एक नई मशीन भी बनाई गई है जो काफी कम लागत पर जांच कर सकती है। एमआरआई की लागत कम करने के लिए भी शोध किया गया है जिसका लाभ सभी वर्ग को मिल सकेगा। इस अवसर पर आईआईटी भिलाई ने मेडिकल छात्रों के लिए नई तकनीक पर एक कोर्स भी शुरू करने का प्रस्ताव दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सा संस्थान और तकनीकी संस्थान के मध्य यह अपने तरह का पहला एमओयू है जो प्रदेश के लिए नई राह खोल सकता है।

 


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