रायगढ़
रायगढ़, 6 दिसंबर। कोतबा रोड वेलकम पुलिया के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सडक़ नाप-जोख करने पहुँची ठेकेदार और इंजीनियरों की टीम पर अचानक नाग साँप ने हमला बोल दिया। टीम सडक़ के टूटे हुए हिस्से का सर्वे कर रही थी, तभी झाडिय़ों से निकला जहरीला नाग तेजी से उनके पीछे दौड़ा। मौके पर मौजूद लोग बचाव का रास्ता ढूंढते दिखे, लेकिन दुर्भाग्य से टीम के एक स्टाफ को नाग ने काट लिया।
घटना से हडक़ंप मच गया और घायल युवक दर्द से तड़पने लगा। ठेकेदार और अन्य कर्मचारियों ने बिना देर किए घायल को तुरंत वाहन में बैठाकर लैलूंगा उपस्वास्थ्य केंद्र पहुँचाया। वहाँ मौजूद बीएमओ डॉ. धरम पैंकरा ने तत्काल स्थिति को संभालते हुए फौरन उपचार शुरू किया।
चूंकि नाग का जहर अत्यंत घातक होता है, इसलिए मामले में एक-एक मिनट की देरी भी जानलेवा साबित हो सकती थी। लेकिन डॉ. पैंकरा ने अपनी त्वरित समझदारी, अनुभव और तेज निर्णय क्षमता का प्रदर्शन करते हुए एंटी-वेनम और आवश्यक दवाइयों से उपचार शुरू किया। कुछ ही देर में मरीज की हालत स्थिर होने लगी और उसकी सांसे सामान्य होने लगीं।
डॉ. धरम पैंकरा की इस त्वरित कार्रवाई की हर ओर सराहना की जा रही है। ग्रामीणों और ठेकेदार टीम ने कहा कि अगर उपचार में देरी हो जाती तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय लोगों ने क्षेत्र में आए दिन साँप निकलने की घटनाओं पर प्रशासन से अतिरिक्त सतर्कता बरतने और सडक़ किनारे झाडिय़ों की सफाई करवाने की मांग की है।
फिलहाल घायल स्टाफ खतरे से बाहर है और डॉक्टरों की निगरानी में है। वहीं यह घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि लापरवाही साँप काटने जैसी घटनाओं में जान पर भारी पड़ सकती है लेकिन त्वरित और विशेषज्ञ इलाज जीवन बचा सकता है। लैलूंगा उपस्वास्थ्य केंद्र में बीएमओ डॉ. धरम पैंकरा ने एक बार फिर साबित कर दिया कि सही समय पर लिया गया निर्णय चमत्कार कर सकता है।


