नारायणपुर
सचिन जैन
नारायणपुर, 17 अप्रैल (छत्तीसगढ़’ संवाददाता)। नारायणपुर जिले के अबूझमाड़ क्षेत्र के तोके गांव में पुलिस बेस कैंप स्थापित होने के पांच माह बाद भी पेयजल की समस्या बनी हुई है। गांव में सडक़ निर्माण और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कार्य जारी हैं, लेकिन शुद्ध पेयजल की उपलब्धता नहीं हो सकी है।
ग्रामीणों के अनुसार, लगभग एक वर्ष पहले घर-घर नल कनेक्शन लगाए गए थे, लेकिन अब तक जल आपूर्ति शुरू नहीं हो पाई है। वर्तमान में गांव के लोग पीने के पानी के लिए झरियों और कुओं पर निर्भर हैं। गांव के हैंडपंपों से निकलने वाले पानी में आयरन की मात्रा अधिक बताई जा रही है।
गांव में तैनात सुरक्षा बलों के लिए भी पीने का पानी कच्चापाल क्षेत्र से टैंकर के माध्यम से लाया जा रहा है, जिसकी दूरी लगभग 7 किलोमीटर बताई गई है।
ग्रामीणों का कहना है कि पहले नक्सल प्रभाव के कारण विभागीय अमला गांव तक नहीं पहुंच पाता था, लेकिन अब सुरक्षा व्यवस्था होने के बावजूद लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा जल आपूर्ति या हैंडपंप सुधार के लिए कार्य नहीं किया गया है।
गांव की निवासी सुनीता ध्रुव ने बताया कि पुलिस कैंप स्थापना के समय प्रशासन द्वारा बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था। वहीं सरपंच रजमा नुरेटी ने जिला प्रशासन से पेयजल व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है।
इस संबंध में नारायणपुर कलेक्टर नम्रता जैन ने ‘छत्तीसगढ़’को बताया कि पुलिस कैम्प खुलने के 5 माह पहले ही बोर की अनुमति दी जाती है। यहां भी बोर खनन हो चुका है। बोर से लाल पानी आ रहा है। साफ पानी के लिए और व्यवस्था बनाई जाएगी।
वहीं इस संबंध में संतोष वर्मा ई ई पीएचई से ‘छत्तीसगढ़’ ने संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन उन्होंने फ़ोन नहीं उठाया।


