नारायणपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
नारायणपुर, 12 मई। नारायणपुर जिले में पिछले चार दिनों से पेट्रोल और डीजल की कमी बनी हुई है। जिले के पांच पेट्रोल पंपों में से चार पर डीजल का स्टॉक समाप्त हो चुका है, जबकि एकमात्र संचालित पेट्रोल पंप पर लंबी कतारें लग रही हैं। इसका प्रभाव किसानों, ट्रैक्टर संचालकों, माइंस परिवहन और निर्माण कार्यों से जुड़े लोगों पर पड़ रहा है।
डीजल नहीं मिलने से नाराज किसान और ट्रैक्टर चालक डिब्बे लेकर कल कलेक्टर निवास पहुंचे और अपनी समस्या प्रशासन के समक्ष रखी। उनका कहना था कि पेट्रोल पंप संचालक डिब्बों में डीजल देने से मना कर रहे हैं तथा कलेक्टर की अनुमति लाने की बात कह रहे हैं। सुरक्षा कर्मियों द्वारा अंदर प्रवेश से रोकने के बाद लोग बाहर ही रुके रहे।
नारायणपुर जिले में डीजल संकट का असर कृषि कार्यों पर भी पड़ रहा है। हाल में हुई हल्की बारिश के बाद खेतों की जुताई शुरू होनी थी, लेकिन ट्रैक्टरों में डीजल नहीं होने के कारण कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों का कहना है कि खेती के इस समय में डीजल की कमी से उनकी तैयारियां प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि कई छोटे व्यापारी डीजल से चलने वाले उपकरणों का उपयोग करते हैं। दूरस्थ क्षेत्रों में खेतों में खड़े ट्रैक्टरों को पेट्रोल पंप तक लाना संभव नहीं होता, इसलिए डिब्बों के माध्यम से डीजल ले जाया जाता है।
डीजल संकट का असर निर्माण कार्यों पर भी दिखाई देने लगा है। प्रधानमंत्री आवास, सडक़ निर्माण और अन्य निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले वाहन डीजल की कमी के कारण प्रभावित हो रहे हैं। माइंस परिवहन से जुड़े ट्रकों का संचालन भी प्रभावित हो रहा है। सवारी और व्यावसायिक वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि जल्द डीजल आपूर्ति सामान्य नहीं हुई तो खेती, परिवहन, निर्माण और व्यापार पर इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है। पूर्व कांग्रेस जिला अध्यक्ष रजनू नेताम ने कहा कि डीजल संकट जनजीवन और स्थानीय अर्थव्यवस्था से जुड़ा मुद्दा बन गया है। उन्होंने प्रशासन से जल्द डीजल आपूर्ति बहाल करने की मांग की है। फूड अधिकारी अलाउद्दीन ने कहा कि आगे से पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति नहीं हो पा रही है।


