मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेंद्रगढ़, 17 मई। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, बिलासपुर मंडल द्वारा मनेन्द्रगढ़ स्टेशन यार्ड में ट्रेन दुर्घटना की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का संयुक्त मॉक ड्रिल आयोजित किया गया। इस अभ्यास में मंडल रेल आपदा प्रबंधन टीम, राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ), सिविल डिफेंस तथा अन्य विभागों ने भाग लिया।
रेलवे के अनुसार, आपदा की स्थिति में फ्रंटलाइन स्टाफ, रेल आपदा प्रबंधन टीम और स्थानीय नागरिकों की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। इसी उद्देश्य से संभावित दुर्घटनाओं की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्यों का नियमित अभ्यास कराया जाता है, ताकि संबंधित टीमों की तैयारी और उपकरणों की कार्यप्रणाली का परीक्षण किया जा सके।
रेलवे द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, 15 मई को सुबह 10 बजे मनेन्द्रगढ़ स्टेशन यार्ड में एक काल्पनिक परिदृश्य तैयार किया गया। इसमें चिरमिरी-रीवा स्पेशल ट्रेन के एक स्लीपर कोच में बम विस्फोट होने, कोच के डिरेल होने और आग लगने की स्थिति का प्रदर्शन किया गया। अभ्यास के दौरान 5 यात्रियों की मृत्यु, 8 यात्रियों के गंभीर रूप से घायल तथा 7 यात्रियों के सामान्य रूप से घायल होने की काल्पनिक सूचना प्रसारित की गई।
मॉक ड्रिल के दौरान संदिग्ध पार्सल की सूचना मिलने पर आरपीएफ और स्थानीय पुलिस टीम मौके पर पहुंची। डॉग स्क्वॉड की सहायता से संदिग्ध वस्तु की जांच और निष्क्रिय करने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया गया।
इसके बाद दुर्घटना राहत यान और दुर्घटना राहत चिकित्सा यान के साथ रेलवे आपदा प्रबंधन टीम, एनडीआरएफ और फायर ब्रिगेड ने राहत एवं बचाव कार्यों का अभ्यास किया।
एसईसीएल माइंस की टीम ने धुएं से भरे कोच में कम ऑक्सीजन वाले क्षेत्र से यात्रियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया का प्रदर्शन किया। गंभीर रूप से घायल यात्रियों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर एंबुलेंस से रेलवे अस्पताल पहुंचाने का अभ्यास भी किया गया। इस दौरान प्राथमिक उपचार, सहायता केंद्र और पूछताछ केंद्र भी स्थापित किए गए।
रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस प्रकार के अभ्यास का उद्देश्य विभिन्न एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाना और आपदा की स्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करना है। मॉक ड्रिल की मॉनिटरिंग रेलवे मुख्यालय और मंडल स्तर के अधिकारियों द्वारा की गई।
अभ्यास में संरक्षा विभाग, एनडीआरएफ, सिविल डिफेंस, स्काउट-गाइड, सेंट जॉन्स एंबुलेंस, आरपीएफ, वाणिज्य विभाग और चिकित्सा विभाग सहित विभिन्न इकाइयों के कर्मचारी शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान स्थानीय नागरिक और मीडिया प्रतिनिधि भी उपस्थित थे।
इस अवसर पर अपर मंडल रेल प्रबंधक के. श्रीनिवास, वरिष्ठ मंडल संरक्षा अधिकारी साकेत रंजन, वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता दीपक ठाकुर, उप मुख्य संरक्षा अधिकारी आर.के. देवांगन सहित रेलवे के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।


