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विश्व हिंदी परिषद की छत्तीसगढ़ इकाई का विस्तार
17-May-2026 4:46 PM
विश्व हिंदी परिषद की छत्तीसगढ़ इकाई का विस्तार

 डॉ. सपन सिन्हा सरगुजा के संभागीय संयोजक नियुक्त
‘छत्तीसगढ़’  संवाददाता
मनेंद्रगढ़, 17 मई
। विश्व हिंदी परिषद के सिद्धांतों और भाषाई एकता के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए संगठन की छत्तीसगढ़ प्रांतीय इकाई का एक महत्वपूर्ण विस्तार किया गया है। परिषद के उद्देश्यों को जन-जन तक पहुँचाने और जमीनी स्तर पर कार्य को गति देने के लिए अम्बिकापुर के वरिष्ठ साहित्यकार, कवि,भाषाविद् डॉ. सपन सिन्हा को सर्वसम्मति से सरगुजा क्षेत्र का संभागीय संयोजक नियुक्त किया गया है।

नवनियुक्त अम्बिकापुर, सरगुजा क्षेत्र के संभागीय संयोजक ने इस जिम्मेदारी के लिए शीर्ष नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि वे परिषद के सिद्धांतों पर चलते हुए सरगुजा संभाग के ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों तक हिंदी के प्रचार-प्रसार और सांस्कृतिक चेतना को पहुँचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य करेंगे। इस नियुक्ति पर परिषद के पदाधिकारियों और छत्तीसगढ़ एवं अम्बिकापुर एवं सरगुजा संभाग  के सभी  जिलों के साहित्यकारों ने हर्ष व्यक्त करते हुए उन्हें बधाई दी है।
ज्ञात हो कि विश्व हिंदी परिषद का मुख्य ध्येय हिंदी भाषा को केवल संवाद का माध्यम न बनाकर उसे वैश्विक स्तर पर सांस्कृतिक एकता, राष्ट्रीय अस्मिता और सुशासन के दर्शन से जोडऩा है।
परिषद का उद्देश्य नई पीढ़ी में भारतीय मूल्यों का संचार करना, शोधपरक साहित्य को बढ़ावा देना और देश के कोने-कोने में हिंदी के माध्यम से भाषाई व सामाजिक समरसता स्थापित करना है।
यह संगठनात्मक विस्तार राष्ट्रीय और प्रांतीय नेतृत्व के कुशल मार्गदर्शन में संपन्न हुआ है। संगठन को राष्ट्रीय स्तर पर मजबूती दे रहे राष्ट्रीय महासचिव विपिन एवं राष्ट्रीय उपाध्यक्ष देवी प्रसाद मिश्र जी के विजऩ और प्रेरणा से परिषद निरंतर नए आयाम छू रही है।

प्रांतीय स्तर पर, छत्तीसगढ़ में परिषद के कार्यों को गति देने में प्रदेश संयोजक डॉ. विनय कुमार पाठक का बौद्धिक मार्गदर्शन और प्रदेश अध्यक्ष डॉ. संगीता बनाफऱ की सक्रिय कार्यशैली व संगठनात्मक नेतृत्व की भूमिका सराहनीय रही है। डॉ. संगीता बनाफऱ के कार्यक्षेत्र और कुशल नेतृत्व में परिषद लगातार साहित्य, संस्कृति और सामाजिक कल्याण के क्षेत्रों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।


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