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सीएचसी जनकपुर में प्रसव के दौरान नवजात की मौत, जांच टीम गठित
20-Apr-2026 8:51 PM
सीएचसी जनकपुर में प्रसव के दौरान नवजात की मौत, जांच टीम गठित

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

मनेंद्रगढ़, 20 अप्रैल। एमसीबी जिले के जनकपुर स्थित 100 बिस्तरीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान नवजात की मौत के मामले में पांच सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है।

प्रसूता नम्रता सिंह ने बताया कि 10 अप्रैल को प्रसव पीड़ा होने पर वह परिवार के साथ अस्पताल पहुंची थी। जांच के बाद नर्सिंग स्टाफ ने नवजात का वजन अधिक होने की बात कहकर उन्हें प्रसव कक्ष में ले जाया गया। इस दौरान परिवार की किसी महिला या मितानिन को अंदर जाने की अनुमति नहीं दी गई।

प्रसूता के अनुसार, प्रसव के दौरान तीन नर्सिंग स्टाफ और एक वार्ड सहायिका मौजूद थीं, जबकि महिला डॉक्टर या स्त्रीरोग विशेषज्ञ उपस्थित नहीं थे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रसव के दौरान दबाव डालकर प्रक्रिया कराई गई। इसी दौरान नवजात का सिर बाहर आने के बाद फंस गया। बाद में नवजात को बाहर निकाला गया, लेकिन वह नहीं रोया। इसके बाद उसे शहडोल रेफर किया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रसूता ने स्वास्थ्य केंद्र की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

सात दिन में रिपोर्ट मांगी

मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. अविनाश खरे ने मामले की जांच के लिए पांच सदस्यीय समिति गठित की है। समिति को सात दिन के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।

जांच समिति में जिला अस्पताल चिरमिरी के सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक डॉ. राजेंद्र राय, एसडीएम भरतपुर, अस्थिरोग विशेषज्ञ डॉ. राजेंद्र बंसरिया, 220 बिस्तरीय सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ की स्त्रीरोग विशेषज्ञ डॉ. रश्मि कुमार तथा सहायक ग्रेड-2 जितेंद्र कुमार सेन शामिल हैं।


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