मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर

नाबालिग से रेप, 20 साल की कैद
10-May-2024 9:31 PM
नाबालिग से रेप, 20 साल की कैद

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 10 मई।
विशेष न्यायाधीश चिरमिरी मुकेश कुमार पात्रे की अदालत ने नाबालिग पीडि़ता को जबरन उसके घर से उठाकर ले जाने और उसके साथ रेप किए जाने के जुर्म में दोषसिद्ध पाए जाने पर 2 अभियुक्तों को अलग-अलग धाराओं में सजा सुनाई है। मुख्य आरोपी को 20 साल और सहयोगी को 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।

न्यायायीन सूत्रों के अनुसार पीडि़ता ने थाना खडग़वां में उपस्थित होकर मौखिक रिपोर्ट दर्ज कराई कि 24 जून 2020 की रात करीब 8 बजे वह खाना खाकर अपने घर में सो रही थी, तभी आरोपी गंभीर सिंह एवं महेश सिंह आए और घर का दरवाजा खटखटाए। दरवाजा खोलने पर दोनों जबरन उसे पकडक़र बाइक में बैठाकर ग्राम डुभापानी ले गए, जहां महेश सिंह उसे अपने घर में बंद कर दिया। इसके बाद गंभीर सिंह वहां से चला गया। 

आरोपी महेश सिंह ने उसके साथ रेप किया और उसे घर के अंदर 10 दिनों तक बंद करके रखा। पीडि़ता ने कहा कि जब वह अपने घर जाने के लिए बोलती आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देते हुए उसके साथ मारपीट करता।
 
पुलिस द्वारा जांच में दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध घटित करना पाए जाने पर केस दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया। दोषसिद्ध पाए जाने पर न्यायाधीश ने अभियुक्त बैकुंठपुर थानांतर्गत ग्राम डुभापानी निवासी 29 वर्षीय महेश सिंह को संरक्षण अधिनियम 2012 की धारा 3/4(2) के तहत 20 वर्ष का सश्रम कारावास एवं 2 हजार रूपए अर्थदंड तथा धारा 366(क) के अपराध में 5 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा एवं 1 हजार रूपए अर्थदंड तथा अभियुक्त सोनहत थानांतर्गत ग्राम मझारटोला निवासी 31 वर्षीय गंभीर सिंह को धारा 363 के अपराध में 3 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 1 हजार रूपए अथदंड की सजा से दंडित किया।

अर्थदंड की राशि अदा नहीं किए जाने पर दोनों अभियुक्तों को एक और दो माह का अतिरिक्त कारावास पृथक से भुगतना होगा। अभियोजन की ओर से मामले की पैरवी अतिरिक्त लेाक अभियोजक कैलाश विश्वकर्मा ने की।


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