मनेन्द्रगढ़-चिरिमिरी-भरतपुर
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
मनेन्द्रगढ़, 18 दिसम्बर। शादी का झांसा देकर रेप करने के जुर्म में दोषसिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश एफटीसी (पॉक्सो) मनेंद्रगढ़ आनंद प्रकाश दीक्षित की अदालत ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में 10 वर्ष सश्रम कारावास की सजा सुनाई है।
अभियोजन की ओर से विशेष लोक अभियोजक जीएस राय ने जानकारी देते हुए बताया कि पीडि़ता की रांग नंबर मोबाइल धारक युवक राकेश कुमार से एक बार बात हुई थी, फिर युवक-पीडि़ता आपस में बातचीत करने लगे थे। शादी करने की बात कहकर आरोपी ने पीडि़ता को एक मोबाइल फोन खरीद कर दिया था। घटना दिवस 6 जुलाई 2019 को आरोपी युवक राकेश कुमार पीडि़ता से मिलने के लिए गांव से शाम करीब 7 बजे कुछ दूर बुलाया। इस दौरान बाइक में युवक के साथ विनोद लोहार आया हुआ था।
पीडि़ता को शादी करने का झांसा देकर दोनों उसे अपने साथ लेकर मनेंद्रगढ़ रेलवे स्टेशन पहुंचे और ट्रेन से भिलाई ले गए, जहां 3-4 दिनों तक अपने साथ रखकर पीडि़ता के साथ रेप किया। उसके बाद पीडि़ता को रीवा (मप्र) ले जाया गया और किराए के मकान में रखकर वहां भी उसके साथ रेप किया गया।
मामले में पीडि़ता के दादा की रिपोर्ट पर पुलिस द्वारा आईपीसी की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर अभियोग पत्र न्यायालय में पेश किया गया।
न्यायाधीश ने आरोपी खडग़वां थानांतर्गत ग्राम उधनापुर निवासी राकेश कुमार अगरिया (27 वर्ष) के दोषसिद्ध पाए जाने पर धारा 363 में 2 साल सश्रम कारावास, धारा 366 में 5 साल सश्रम कारावास तथा धारा 376(2)(एन) में 10 साल सश्रम कारावास की सजा सुनाई।


