महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद,17 जून। जिले भर में कल आधी-अधूरी तैयारियों के बीच शिक्षा सत्र की शुरूआत हुई है। इस बार कुछ नए बदलावों की वजह से महासमुंद ब्लॉक को छोड़ किसी ब्लॉक में प्रथम दिवस पुस्तकें, गणवेश नहीं बंट पाया है।
जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार इस बार 2243 स्कूलों के बच्चों के लिए कुल 2.50 लाख गणवेश बनाए जा रहे हैं। इसमें प्रथम चरण चरण में 1.25 लाख गणवेश 2 दिनों में महासमुंद जिले की स्कूलों में पहुंच जाएंगे। जबकि पाठ्यपुस्तकों के लिए विद्यार्थियों को 20 जून तक और इंतजार करना होगा।
विभाग के मुताबिक इस बार पाठ्य पुस्तकों तथा गणवेश में किये गए बदलावों की वजह से गणवेश और पुस्तकों के आने में विलंब हुआ है। हालांंिंंंंंंंंंंंक 9वीं, 10वीं की कुछ किताबें महासमुंद ब्लॉक में मंगलवार को पहुंची है। जहां-जहां पुस्तकें पहुंची वहां-वहां वितरण शुरू किया गया है।
कल पहले दिन विद्यार्थियों की उपस्थिति अपेक्षाकृत कम रही। ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में आधे से भी कम छात्र-छात्राएं स्कूल पहुंचे। जबकि निजी स्कूलों में कक्षाएं सामान्य रूप से संचालित होती रहीं।
विभागीय रिपोर्ट के अनुसार महासमुंद जिले में प्राथमिक से लेकर उच्चतर माध्यमिक स्तर तक कुल 2,243 शासकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालय संचालित हैं। इनमें करीब 1 लाख 96 हजार 725 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों के मार्गदर्शन के लिए जिले में 10 हजार से अधिक शिक्षक पदस्थ हैं।
रिपोर्ट के अनुसार महासमुंद विकासखंड में जिले के सर्वाधिक 460 विद्यालय संचालित हैं तथा यहां 51,900 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इसके बाद पिधौरा में 41,854, बागबाहरा में 38,980, सरायपाली में 32,441 तथा बसना में 31,550 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इस तरह महासमुंद जिले के 1 हजार 956 शासकीय विद्यालयों में कुल 1 लाख 41 हजार 503 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और इनमें 58 हजार 690 प्राथमिक, 42 हजार 474 उच्च प्राथमिक, 24 हजार 134 माध्यमिक तथा 16हजार 205 उच्चतर माध्यमिक स्तर के विद्यार्थी शामिल हैं। शिक्षा विभाग का दावा है कि नए सत्र में नामांकन बढ़ाने, ड्रॉपआउट दर कम करने और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाया जाएगा।
हालांकि कल स्कूल की शुरुआत अधूरी मरम्मत और सुविधाओं की कमी बनी चुनौती बनी है। नए सत्र के पहले दिन कई विद्यालयों में अधूरी मरम्मत की स्थिति भी सामने आई। कुछ स्कूलों में भवनों की रंगाई,पुताई का कार्य पूरा नहीं हो पाया है। जबकि कई स्थानों पर दीवारों का प्लास्टर उखड़ा हुआ है। पेयजल, शौचालय और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को लेकर भी शिकायतें सामने आई हैं। इस पर विभागीय अधिकारियों का कहना है कि सभी विद्यालयों में आवश्यक व्यवस्थाएं शीघ्र पूर्ण कर ली जाएंगी। प्रमोद कन्नौजे परियोजना अधिकारी शिक्षा विभाग का कहना है कि 9वीं, 10वीं की पुस्तकें पहुंच गई है, वितरण भी शुरू हो गया है। निजी स्कूलों को डीपो से पुस्तकें प्रदाय की जाएंगी।
बसना ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बद्री विशाल जोल्हे ने बताया कि शासन की ओर से अभी तक प्राथमिक और माध्यमिक स्तर की किताबें प्राप्त नहीं हुई हैं। जैसे ही किताबों की खेप पहुंचेगी, विद्यार्थियों को तत्काल वितरित किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि हाई स्कूल स्तर की पुस्तकों की आपूर्ति पहुंचने की जानकारी मिली है और उनका वितरण किया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार सरायपाली विकासखंड में भी कई शासकीय स्कूलों में कक्षा पहली से आठवीं तक अध्ययनरत विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकीं। इसमें स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में भी किताबों की आपूर्ति नहीं होने से बच्चों और अभिभावकों में निराशा देखी गई। यहां कल पिछले सालों के बची हुई पुराने किताबों को बांंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंंटकर प्रवेशोत्सव मनाया गया है।


