महासमुन्द
‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता
महासमुंद, 4 जून। शासकीय विद्यालय के एक व्याख्याता द्वारा की गई कथित झूठी और बेबुनियाद शिकायत पर कार्रवाई नहीं करने तथा जांच प्रतिवेदन को उच्च कार्यालय तक नहीं भेजने के मामले में पूर्व जिला शिक्षा अधिकारी विजय कुमार लहरे की मुश्किलें बढ़ी हैं। संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा रायपुर ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। मामले की जांच कल 5 जून को की जाएगी।
प्राप्त जानकारी के अनुसार शासकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कुडेकेल में पदस्थ व्याख्याता संजय कुमार अग्रवाल ने उसी संस्था के तत्कालीन प्रभारी प्राचार्य बलदेव मिश्रा के विरुद्ध 14 बिंदुओं पर शिकायत दर्ज कर जांच की मांग की थी। शिकायत की जांच केजुवां स्कूल प्राचार्य सीसी पुहुप तथा एबीईओ लोकेश्वर कंवर द्वारा 17 दिसंबर 2025 को की गई।
जांच प्रतिवेदन में शिकायत के सभी 14 बिंदुओं को बेबुनियाद और निराधार पाया गया। जांच दल ने अपनी रिपोर्ट 24 दिसंबर 2025 को जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय महासमुंद को सौंप दिया। आरोप है कि इसके बावजूद तत्कालीन डीईओ विजय कुमार लहरे ने नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन उच्च कार्यालय को भेजने के बजाय फाइल को दबाकर रखा।
यह पूरा मामला तब सामने आया, जब शिकायतकर्ता विनोद कुमार दास को सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत डीईओ कार्यालय से दस्तावेज प्राप्त हुआ। दस्तावेजों के आधार पर दास ने 11 मई को संभागीय संयुक्त संचालक शिक्षा रायपुर को लिखित शिकायत भेजकर मामले की जांच की मांग की, जिस पर अब विभाग ने जांच शुरू कर दी है।


