महासमुन्द

धान उपार्जन केंद्र संभर में 24 सौ क्विंटल धान की कमी का आरोप
31-May-2026 8:23 PM
धान उपार्जन केंद्र संभर में 24 सौ क्विंटल धान की कमी का आरोप

कांग्रेस नेता ने अपर कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

पिथौरा, 31 मई। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अंकित बागबाहरा ने जिला प्रशासन और वर्तमान सरकार पर धान खरीदी और उसके उठाव की समय-सीमा समाप्त होने के बाद भी समितियों को अनियमितताएं छुपाने का अवसर देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने जिलाधीश कार्यालय पहुंचकर अपर कलेक्टर रवि साहू को एक लिखित शिकायत पत्र सौंपा है।

अंकित ने बताया कि बागबाहरा विकासखंड के धान उपार्जन केंद्र संभर में 6,075 कट्टा (लगभग 2,430 क्विंटल) धान की कमी पाई गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में तत्काल विस्तृत जांच और एफआईआर दर्ज कराने के बजाय संबंधितों को धान जमा करने की अतिरिक्त मोहलत दी जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि खरीफ सीजन के दौरान किसानों को रकबा समर्पण, टोकन और भौतिक सत्यापन के नाम पर दिक्कतों का सामना करना पड़ा था।

कांग्रेस नेता ने इस पूरी प्रक्रिया पर संदेह जताते हुए प्रशासन के समक्ष तीन बिंदु रखे हैं-  क्या यह धान बिना वास्तविक खरीदी के ही फर्जी नामों से कागजों पर खरीद कर भुगतान कर दिया गया था?  क्या कुल 2,430 क्विंटल धान की इतनी बड़ी गड़बड़ी को कोई खरीदी प्रभारी अकेले अंजाम दे सकता है या इसमें अन्य लोग भी शामिल हैं?  शासन द्वारा 3,100 की दर से खरीदी करने के आधार पर इस 2,430 क्विंटल धान की कुल राशि लगभग 75 लाख होती है। अब यदि इसकी पूर्ति 1,600 की दर से (मात्र 38 लाख में) कराई जा रही है, तो शेष साढ़े 36 लाख रुपये के अंतर का लाभ किन लोगों में बंटने वाला है?

 तत्काल एफआईआर की मांग

अंकित बागबाहरा ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल संबंधितों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाए। इसके साथ ही उन्होंने मामले की सूक्ष्म जांच कर इसमें शामिल सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य लोगों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई करने की बात कही है।


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