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महासमुंद में सबसे महंगा तेंदूपत्ता भोंथा-टुहलू का
10-May-2026 4:03 PM
महासमुंद में सबसे महंगा तेंदूपत्ता भोंथा-टुहलू का

सबसे बड़े साइज का पत्ता, ऊंचे दाम पर खरीदा जा रहा

‘छत्तीसगढ़’ संवाददाता

पिथौरा,  10 मई। महासमुंद जिले के विकासखंड बागबाहरा के ओडिशा सीमावर्ती ग्राम भोंथा और टुहलू के तेंदूपत्ते की जिले में अलग पहचान है। स्थानीय स्तर पर बताया जाता है कि यहां के तेंदूपत्ते का आकार अपेक्षाकृत बड़ा होता है और एक पत्ते से दो से तीन बीड़ी तक तैयार की जा सकती है। इसी कारण इन क्षेत्रों के तेंदूपत्ते की मांग व्यापारियों और ठेकेदारों के बीच अधिक बताई जाती है।

वन विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, भोंथा और टुहलू क्षेत्र के तेंदूपत्ते का मूल्य जिले में सबसे अधिक दर्ज किया जा रहा है। यहां एक मानक बोरा तेंदूपत्ता 11 हजार रुपये से अधिक कीमत पर खरीदा जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, बेहतर आकार और गुणवत्ता के कारण इन क्षेत्रों के तेंदूपत्ते की बाजार में मांग बनी हुई है।

महासमुंद जिले में तेंदूपत्ता संग्रहण ग्रामीण और वनांचल क्षेत्रों की आजीविका का एक प्रमुख स्रोत है। हर वर्ष बड़ी संख्या में ग्रामीण परिवार तेंदूपत्ता संग्रहण कार्य से जुड़े रहते हैं। वर्तमान सीजन में भी जंगल क्षेत्रों में सुबह से संग्रहण कार्य जारी है।

  इस संबंध में डिप्टी डीएम तेंदूपत्ता ए.आर. बंजारे ने बताया कि जिले के महासमुंद, बागबाहरा, पिथौरा, बसना और सरायपाली क्षेत्रों में कुल 75 प्राथमिक वनोपज सहकारी समितियां संचालित हैं। इस वर्ष जिले में 91 हजार 300 मानक बोरा तेंदूपत्ता संग्रहण का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। उन्होंने बताया कि पिथौरा वन परिक्षेत्र को 25 हजार मानक बोरा संग्रहण का लक्ष्य दिया गया है, जो जिले में सबसे अधिक है।

उन्होंने कहा कि शासन द्वारा इस वर्ष तेंदूपत्ता खरीदी का समर्थन मूल्य 5500 रुपये प्रति मानक बोरा निर्धारित किया गया है। गुणवत्ता के आधार पर संग्राहकों को प्रोत्साहन राशि (बोनस) भी दी जाती है। अधिकारियों के अनुसार, भोंथा और टुहलू जैसे क्षेत्रों में तेंदूपत्ते की बाजार कीमत समर्थन मूल्य से अधिक मिल रही है, जिससे संग्राहकों को अतिरिक्त लाभ प्राप्त हो रहा है। जिले में अब तक लगभग 50 प्रतिशत तेंदूपत्ता खरीदी पूरी हो चुकी है।

तेंदूपत्ता संग्राहकों को मिल रही सुविधाएं

तेंदूपत्ता संग्राहकों के लिए शासन द्वारा विभिन्न योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें चरणपादुका, बीमा सुविधा और अन्य लाभ शामिल हैं। संबंधित समितियों के अंतर्गत कक्षा 10वीं और 12वीं में बेहतर प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को छात्रवृत्ति दी जाती है। इसके अलावा व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को भी छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है।


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